ऊना।
आपात स्थिति में 108 नंबर पर सहायता लें। फेक काल कर समय की बर्बादी न करें। 108 संस्था के प्रदेश प्रभारी मेहूल सुकुमारन ने कहा कि 108 पर आने वाली 10 फोन काल में से पांच फर्जी होती हैं जिससे समय और धन की बर्बादी हो रही है। 50 प्रतिशत कालर अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं या काल ऑपरेटर को मिसगाइड करते हैं।
उन्होंने कहा कि 108 और 102 पर की गई कोई भी काल जान बचाने जैसी आपातकालीन काल के रूप में ली जाती है। 99 प्रतिशत काल काउसी क्षण उत्तर दिया जाता हैै। कुछ शरारती तत्व इस नंबर का दुरुपयोग करने का प्रयास करते हैं। जीवीकेईएमआरआई ने कुछ ऐसे नंबरों की पहचान की है जिनसे पिछले एक साल यानी जनवरी से दिसंबर 2017 तक 150 से अधिक बार 108 और 102 नंबर पर अश्लील और अपमानजनक काल की गई हैं।
अनावश्यक काल रोकने के लिए अभियान
अनावश्यक काल रोकने के लिए 108 और 102 टीम ने अनेक जागरूकता अभियान चलाए हैं। स्टेट हेड मेहूल सुकुमारन ने प्रदेश लोगों से अपील की है कि सभी लोग पूरी लग्न और तत्परता से सहायता करते हैं।