ऊना। ऊना उत्कर्ष योजना के तहत शुरू की गई तीन योजनाओं में उपायुक्त कार्ड योजना भी शामिल है। इसका मुख्य उद्देश्य जहां बेटियों के प्रति नकारात्मक सोच को बदलना है तो वहीं बेटियां माता-पिता को सम्मानित करने का माध्यम बने, ऐसा प्रयास भी है। ऊना उत्कर्ष के माध्यम से जिला भर के ऐसे लगभग चार हजार परिवारों को उपायुक्त कार्ड जारी किए जाएंगे, जिनके परिवार में महज बेटियां हैं। उपायुक्त राकेश कुमार प्रजापति ने शनिवार को विकास खंड ऊना से संबंधित उपायुक्त कार्ड धारक अभिभावकों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए ये बात कही। उन्होंने कहा कि पहले चरण में अब तक 100 परिवारों को कार्ड जारी किए जा चुके हैं।
प्रजापति ने डीसी कार्ड के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ये कोई पहचान पत्र नहीं है बल्कि यह एक माध्यम है जिसके द्वारा कार्ड धारक परिवार जिला के किसी भी सरकारी कार्यालय में प्राथमिकता के आधार पर सेवाएं प्राप्त कर सकता है।
उन्होंने कहा कि ऐसे परिवारों को अब अपने काम अथवा इलाज के लिए लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि डीसी कार्ड धारक परिवारों के घरों के पास यदि कोई रास्ते, पानी या बिजली की समस्या हो, सोलर लाइट्स लगवानी हो अथवा अन्य किसी भी प्रकार के विकास कार्य की आवश्यकता हो, तो ऐसा परिवार सादे कागज पर समस्या अथवा आवश्यकता के बारे में आवेदन कर सकता है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा स्वयं यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ऐसे परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर सेवाएं उपलब्ध हों। इस मौके पर इन परिवारों ने डीसी के साथ अपने विचार साझा करते हुए कहा कि प्रशासन की इस अनूठी पहल से जहां बेटियों के प्रति नकारात्मक सोच में बदलाव आ रहा है तो, वहीं बेटियों के अभिभावक होने पर उन्हें गर्व महसूस हो रहा है। इस मौके पर जिला कार्यक्रम अधिकारी सतनाम सिंह सहित विकास खंड ऊना से संबंधित उपायुक्त कार्ड धारक 20 परिवारों के अभिभावक भी उपस्थित थे।