मैहतपुर (ऊना)। देश के 2.71 लाख ग्रामीण डाक कर्मियों के लिए केंद्र की मोदी सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा तोहफा देते हुए एक सदस्यीय कमलेशचंद्र रिपोर्ट को लागू कर दिया है। सोमवार को सरकार ने यह आदेश जारी कर दिए है। देश के समस्त संबंधित सीपीएमजी, पीएमजी, निदेशालय, डीडीएसजी समेत मान्यता प्राप्त श्रमिक संगठनों को इसकी सूचना भेज दी गई है। संचार मंत्रालय के पत्र के मुताबिक, देश भर के ग्रामीण डाक कर्मियों के वेतनमान में संशोधन को लेकर कमलेशचंद्र कमेटी ने सिफारिशों को केंद्र सरकार ने लागू कर दिया है।
बढ़े वेतनमान एक जुलाई 2018 से लागू होंगे। आदेश के मुतातबिक 1/1/2016 से 30/6/2016 के एरियर की गणना वर्तमान मूल वेतन का 2.57 के अनुपात से होगी जिसमें डीए भी होगा। देश के समस्त ग्रामीण डाक कर्मियों का इस दौरान का एरियर उनके बचत खातों में जमा कर दिया जाएगा। 15 जुलाई 2018 तक के एरियर भुगतान की उम्मीद है। रिपोर्ट लागू होने पर केंद्र सरकार करीब 1257 करोड़ खर्च करने जा रही है। सालाना तीन फीसदी वेतन वृद्धि, मौजूदा टीआरसीए को दो वर्गों में शाखा डाकपाल और सहायक शाखा डाकपाल में बांटा गया है।
ओएमए, संयुक्त कार्य भत्ता, कैश कन्वेस चार्ज, साइकिल अलाउंस को मान लिया है। सरकारी आदेश में ओएमए एक सौ से बढ़कर अब कम से कम पांच सौ होगा, बूट अलाउंस 50 से 115, साइकिल 90-180, रिस्क एंड हार्डशिप अलाउंस 500 रुपये किया है। जीडीएस भारतीय मजदूर संघ के कर्मचारी नेता सुगंधि मिश्रा ने कहा कि उन्होंने 40 साल में पहली दफा देशव्यापी हड़ताल की थी। इसका प्रतिफल देश भर के 2.71 लाख डाक कर्मियों को मिला है। कहा कि मोदी सरकार ने रिपोर्ट को बिना काटछांट लागू कर सबसे बड़ा तोहफा दिया है।