ऊना।
ग्रामीण डाक कर्मियों की बैठक रविववार को परिमंडलीय सचिव दाता राम चंदेल की अध्यक्षता में हुई। इस बैठक में 22 मई सुबह 6 बजे से देश भर के ग्रामीण डाकघरों में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने पर चर्चा की गई। ग्रामीण डाक कर्मियों ने एक सुर में हड़ताल में शामिल होने की हामी भर दी है। दाता राम चंदेल ने कहा कि देश भर ग्रामीण डाक कर्मी सातवें वेतन आयोग की सिफारिश के लिए गठित कमलेशचंद्र कमेटी की रिपोर्ट को लागू न करने से नाराज हैं।
कमलेशचंद्र कमेटी ने नवंबर 2016 को अपनी रिपोर्ट सौंपकर इन्हें लागू करने को कहा था लेकिन उस रिपोर्ट को केंद्र सरकार लागू न कर देश भर के ग्रामीण डाक कर्मियों का शोषण कर रही है। चंदेल ने कहा कि रिपोर्ट को लागू करवाने के लिए इससे पहले में भी देश भर के ग्रामीण डाक सेवकों ने 2014, 2015 और अगस्त 2017 में हड़ताल की थी लेकिन केंद्र और पोस्टल बोर्ड के आला अधिकारियों ने केंद्रीय नेतृत्व को झूठे आश्वासन देकर हड़तालें बंद करवा दी थी।
उन्होंने कहा कि रिपोर्ट को लागू करवाने को लेकर दो मई को एआईजीडीएसयू और एफएनपीओ के महासचिव डी किशन राव, एसएस महादैवेया, वीवी राव सहित अन्य केंद्रीय पदाधिकारियों की संयुक्त बैठक के बाद हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। बैठक में दाता राम चंदेल के साथ बलवीर सिंह, राजकुमार, बचित्र सिंह, सुनीलदत्त, बलजीत सिंह, नितिश, बलविंदर सिंह, परमजीत, बलदेव सिंह, हरजीत सिंह, रामकुमार, सुरेंद्र कुमार, अशोक कुमार, रामदास, राकेश कुमार, गुरमुख सिह, शंभूनाथ, नरेंद्र कुमार मौजूद रहे।
हड़ताल में जीडीएस को करेंगे समर्थन : गुलेरिया
डाक कर्मचारी संघ तृतीय श्रेणी के परिमंडलीय सचिव एचएस गुलेरिया ने कहा कि केंद्र सरकार एवं पोस्टल बोर्ड के उच्चाधिकारी पिछले तीन सालों से देश भर के दो लाख 70 हजार ग्रामीण डाक कर्मियों को मूर्ख बनाते आ रहे हैं। डाक विभाग में अगर सबसे ज्यादा कोई काम कर रहा है तो वे ग्रामीण डाक कर्मचारी हैं। इनका जमकर शोषण किया जा रहा है। कहा कि हालात न सुधरे तो 29 मई को डाक विभाग के तृतीय वर्ग कर्मचारी भी हड़ताल पर चले जाएंगे।