संतोषगढ़ (ऊना)।
नगर परिषद अध्यक्ष अमरावती की ओर से उपायुक्त के पास नगरवासियों के खिलाफ शिकायत पत्र देने पर पार्षदों और स्थानीय लोगों ने नगर परिषद अध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। नगर परिषद के भाजपा समर्थित पार्षदों में भजन सिंह मान, निर्मला देवी, अंजना चब्बा, महिला मोर्चा की प्रधान रीना वासुदेवा सहित नगर के लोगों में पवन शर्मा, राकेश चब्बा, विजय सैनी, सतपाल शर्मा, दीपक वासुदेवा, कमल किशोर शर्मा, सुभाष तेजपाल, कुशिंद्र चब्बा, सोम नाथ सैनी, अमृत पांडे, केडी शर्मा, सुदर्शन पुरी, सुदर्शन चब्बा, सतीश अग्निहोत्री, रित्ती सैनी, वीरबल सैनी, संजीव, सोहन सैनी, बॉबी, संतोख सिंह का कहना है कि नप अध्यक्षा अमरावती और कांग्रेस पार्टी के पार्षदों ने जिला प्रशासन को बिना वजह नगर के लोगों के खिलाफ शिकायत देने की निंदा की है।
लोगों का कहना है कि 27 मार्च को नगर के मेन बाजार में चौपहिया मालवाहक वाहनों पर लगी रोक के मौजूदा समय और स्थान के हक में नगर परिषद के पार्षदों को ज्ञापन सौंपने के लिए थे। लोगों ने नप अध्यक्ष पर आरोप लगाया है कि नगर परिषद अध्यक्ष ने ज्ञापन सुनने के बाद असल मुद्दे से हटकर बाजार में अतिक्रमण को लेकर बहस शुरू कर दी। लोगों का आरोप है कि नप की बैठक में नप अध्यक्ष अमरावती के पारिवारिक सदस्यों सहित कांग्रेस पार्टी समर्थित एक पार्षद के पति ने बैठक में आकर हस्तक्षेप किया और पार्षदों को जबरदस्ती उठाने का इशारा कर बैठक से निकाल कर बाहर ले गया।
नगर के लोगों ने पुलिस में शिकायत दी है कि वह प्रधान की ओर से नगरवासियों के खिलाफ अभद्र व्यवहार की झूठी शिकायत पर उनकी ओर से प्रस्तुत सभी तथ्यों के आधार को ध्यान में रख उचित कार्रवाई को अमल में लाएं। इस बारे में नगर परिषद के अधिकारियों से पूछताछ की जाए क्योंकि बैठक की सारी कार्यवाही उनके सामने ही हुई है।
प्रशासन को दी है शिकायत : अमरावती
नगर परिषद अध्यक्ष अमरावती का कहना है कि उन्होंने अपनी शिकायत प्रशासन को सौंप दी है। अगर दोबारा उनसे इस बारे पूछताछ की जाएगी तो वो प्रशासन को उचित जवाब दे देंगी।
नहीं हुआ अभद्र व्यवहार : ईओ
नगर परिषद की कार्यकारी अधिकारी वर्षा चौधरी का कहना है कि बैठक में लोग ज्ञापन देने के लिए आए थे। दोनों ओर से किन्हीं बातों को लेकर शोर-शराबा हुआ लेकिन किसी के साथ कोई अभद्र व्यवहार नहीं किया गया।