शशिभूषण पुरोहित
ऊना।
नवंबर की गुलाबी ठंड और गुनगुनी धूप के वे दिन, बीस साल के बाद फिर इतिहास दोहरा रहे हैं। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20 साल बाद उसी सड़क से गुजर रहे हैं जिस सड़क पर 20 वर्ष पहले चले थे। फर्क यह है कि उस समय मोदी प्रदेश भाजपा के प्रभारी के तौर पर बैठक करने यहां आए थे और रविवार को देश के प्रधानमंत्री और भाजपा के शीर्ष नेता के तौर पर चुनावी प्रचार करने पहुंचेंगे। मोदी को अपने बीच पाने की खबर से जहां ऊना के भाजपाई गदगद हैं वहीं जिस पुराना बस अड्डा बाजार से मोदी बैठक के लिए बचत भवन से गुजरे थे, वहां के कारोबारियों में भी उत्साह देखा जा रहा है।
1997 में सर्दियों के दिनों में ही नरेंद्र मोदी पार्टी की प्रदेश कार्यकारिणी बैठक के लिए ऊना पहुंचे थे और बचत भवन से विश्राम गृह तक पैदल आए थे। इसी बैठक में हिमाचल विधानसभा के चुनावों की रणनीति बनी थी जिसके बाद प्रदेश में भाजपा की सरकार सत्ता में आई थी। नरेंद्र मोदी का 20 साल के अंतराल के बाद उसी सड़क से निकलना एक संयोग है, लेकिन उनके दौरे को लेकर हुई तैयारियों में जब पुराना बस स्टैंड से लेकर एमसी पार्क तक के पुराने दुकानदारों और कार्यकर्ताओं को पता चला कि पीएम इसी सड़क से आएंगे और वापस भी जाएंगे तो पुरानी याद ताजा होने लगी।
नरेंद्र मोदी के साथ उस समय पार्टी के वरिष्ठ नेता शांता कुमार और प्रेम कुमार धूमल भी मौजूद थे। नरेंद्र मोदी के साथ उस वक्त मौजूद पूर्व विद्यार्थी परिषद नेता राजीव भनोट एवं ऊना के भाजपा नेता नवदीप कश्यप का कहना है कि उन्हें याद है कि विश्राम गृह से जब मोदी बचत भवन में होने वाली बैठक के लिए चले तो उन्होंने पूछा कि बैठक स्थल कितनी दूर है। कुछ ही मीटर का फासला होने का पता चलने पर मोदी ने कहा कि चलिये पैदल चलते हैं। यही फोटो लोगों ने यादों में संजो कर रखी है।