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बरसात जैसी बारिश से परेशानी, एक दिन में 56.2 मिली

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अमर उजाला ब्यूरो
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हरोली/ऊना। तीन दिन से लगातार भारी बारिश ने किसानों को फिर से तबाही मचाने वाली बरसात की याद दिला दी। मौसम विभाग के अनुसार जिले में खराब मौसम के दौरान वीरवार को 56.2 मिली मीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।

जिले में लगातार बारिश से जहां खेल-खलिहान पूरी तरह पानी से लबालब हो गए वहीं सोमभद्रा नदी सहित अन्य खड्डें भी पूरी तरह से उफान पर रहीं। जिसे देखकर एक तरफ किसानों को बरसात के दिनों में भारी बारिश के कारण हुई तबाही याद आ गई तो दूसरी ओर यह भी डर सताना शुरू हो गया कि अगर एक-दो दिन ऐसे ही मौसम खराब रहा और ओलावृष्टि हुई तो उन्हें भारी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। इस समय खेतों में आलू, बंद गोभी, फूल गोभी, मूली, गाजर, शलजम, साग, पालक, बेलदार सब्जियां फ्रांसबीन, घी तोरी सहित अन्य सब्जियों की फसलें खेतों में है।
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शुक्रवार को मौसम साफ होने से कई जगह पर किसानों ने इंद्र देव का आभार व्यक्त करते भी नजर आए। यदि एक-दो दिन बारिश और ओलावृष्टि होती है तो किसान वर्ग के लोगों को नुकसान उठाना पड़ सकता था। लेकिन मौसम साफ होने से किसानों ने बारिश की मार से राहत मिली है।

बरसात में भी लोग झेल चुके परेशानियां
कई स्थानों पर पानी खड़ा होने से लोगों को परेशानियों का सामना भी करना पड़ा। कई स्थानों, सड़क, बाजार और पार्किंग स्थलों में पानी खड़ा हो गया। इससे लोगों को आने-जाने और वाहन पार्क करने के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कुछ स्थानों पर कार्यालय, स्कूलों और घरों में पानी घुसने की समस्या भी सामने आई। शुक्रवार को मौसम साफ होने से लोगों ने राहत पाई।

फिर से करवट लेगा मौसम
मौसम विशेषज्ञ विनोद कुमार शर्मा ने बताया कि अगले कुछ दिनों में फिर मौसम करवट ले सकता है। इससे लोगों की परेशानियां दोबारा से बढ़ सकती है। विनोद कुमार ने बताया कि शनिवार और रविवार को मौसम शुष्क रहेगा।
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खेतों में डालें खाद-उर्वरक : डॉ. सुरेश
कृषि उपनिदेशक डॉ. सुरेश कपूर ने बताया कि बारिश होने से सभी फसलों की सिंचाई हो चुकी है। बारिश का ज्यादा लाभ गैर सिंचित क्षेत्र के लोगों को हुआ है। उन्होंने किसानों से कहा कि वे गेहूं सहित अन्य फसलों में खाद आदि डाल सकते हैं। इससे फसलों के पौधों में नई जान आएगी।
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