अमर उजाला ब्यूरो
अंब (ऊना)। सरस्वती विद्या मंदिर कटौहड़ खुर्द में हिमाचल शिक्षा समिति की जिला टोली ने शनिवार को वार्षिक निरीक्षण किया। टीम ने विद्या मंदिर में चल रही गतिविधियों को देखा और सुझाव भी दिए।
समिति के जिला अध्यक्ष मास्टर प्रेम स्वरूप शर्मा की अगुवाई में टीम स्कूल पहुंची। टीम ने वंदना सत्र से दोपहर तीन बजे तक शिक्षा प्रणाली को जांचा-परखा। इस दौरान समिति सदस्यों ने न केवल कक्षाओं में विद्यार्थियों की शैक्षणिक गतिविधियों को परखा, बल्कि शिक्षा के साथ-साथ अन्य गतिविधियों की भी समीक्षा की। टीम ने पहली से दसवीं तक शिक्षा के स्तर पर अवलोकन किया।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में प्रतिभा छिपी है। बहुत से विद्यार्थी अंग्रेजी, गणित एवं साइंस में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। शिक्षा समिति की टीम में शैक्षिक प्रमुख सेवानिवृत्त प्रिंसिपल डॉ. रवि वैद्य ने शिक्षकों से कहा कि कक्षा में जो टीचर चॉक, वॉक तथा टॉक का इस्तेमाल करता है। वहीं सही मायनों में शिक्षक कहलाने योग्य है। उन्होंने कहा कि कक्षा में टीचर को कुर्सी की नहीं चॉक, वॉक एवं टॉक की ही आवश्यकता होनी चाहिए।
ब्लैकबोर्ड पर चॉक का इस्तेमाल हो, कक्षा में वॉकिंग करते हुए विद्यार्थियों से निरंतर संवाद करते हुए जो शिक्षक पढ़ाई करवाते हैं, उनके विद्यार्थी कभी भी असफल नहीं होते। शिक्षा समिति के प्रांतीय सचिव डॉ. खेमराज शर्मा ने कहा कि विद्यालय में विद्यार्थियों को अच्छा वातावरण, संस्कार युक्त शिक्षा के लिए शिक्षकों एवं अभिभावकों के बीच संवाद का होना आवश्यक है। जिला अध्यक्ष मास्टर प्रेमस्वरूप शर्मा ने बच्चों को आधारभूत विषयों पर बार-बार अभ्यास करवाने का सुझाव दिया। इस मौके पर जिला मंत्री सुखदेव शर्मा, लेखाकार कांता शर्मा, प्रिंसिपल चिंतपूर्णी सुनील शर्मा, स्थानीय प्रधानाचार्या मीनाक्षी शर्मा भी मौजूद रही।