ऊना। शक्तिपीठ चिंतपूर्णी मंदिर के गर्भ गृह में केवल चार पुजारी ही एक समय में प्रवेश कर सकते हैं। माता रानी की पूजा-अर्चना करने वाले पुजारियों को धोती-कुर्ता पहनना अनिवार्य होगा। ये आदेश चिंतपूर्णी मंदिर अधिकारी अवनीश शर्मा ने जारी किए हैं।
पत्र में ये भी लिखा है कि माता रानी की पिंडी के सामने भी कुछ पुजारी खड़े रहते हैं। इससे श्रद्धालुओं को भी माता रानी के दर्शन करने में असुविधा होती है। इस पत्र पर मंदिर अधिकारी ने 15 सितंबर को आदेश जारी कर दिए हैं। इसमें गर्भ गृह में सुरक्षा कर्मियों के अतिरिक्त एक समय में केवल चार पुजारी ही रहेंगे। कोई भी पुजारी गर्भ गृह की फोटो नहीं खींचेगा। गर्भ गृह के अंदर कोई पुजारी और बारीदार मोबाइल पर बात नहीं करेगा। कोई पुजारी बारीदार गर्भ गृह से कोई भी वस्तु उठाकर जेब में नहीं डालेगा चाहे वह माता रानी का प्रसाद ही क्यों न हो। जो श्रद्धालु मंदिर में दर्शनों को आते हैं उनके साथ अच्छा व्यवहार किया जाए। माता रानी की पूजा-अर्चना करने वाले पुजारियों को धोती-कुर्ता पहनना अनिवार्य होगा। ये आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं।