अमर उजाला ब्यूरो
मैहतपुर (ऊना)। ग्रामीण डाकघरों में एक बार फिर से कामकाज पूरी तरह से ठप होने जा रहा है। कमलेश चंद्र कमेटी रिपोर्ट में भारी कांटछांट के बाद आधी-अधूरी रिपोर्ट लागू करने को लेकर ग्रामीण डाक कर्मी केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली से बेहद खफा हैं।
इसके चलते ग्रामीण डाक कर्मी 18 दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का फैसला किया है। ग्रामीण डाक कर्मियों की ऑल इंडिया ग्रामीण डाक सेवक यूनियन तथा एनयूजीडीएस यूनियनों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है।
देशभर में करीब दो लाख 80 हजार ग्रामीण डाककर्मियों के हड़ताल पर जाने की प्रमुख वजह जीडीएस वेतनमानों में संशोधन के लिए कमलेशचंद्र कमेटी की रिपोर्ट पर कैंची चलाकर इसे लागू किया गया है। ग्रामीण डाक कर्मियों में केंद्र सरकार के प्रति गहरा रोष व्याप्त हैं और कमेटी की रिपोर्ट को मूलरूप में ही लागू किए जाने की मांग की है।
ग्रामीण डाक सेवक संघ हिमाचल प्रदेश के परिमंडलीय सचिव दाताराम चंदेल ने कहा कि पिछली हड़ताल के दौरान केंद्र सरकार ने वादा किया था कि वह कमलेशचंद्र कमेटी की रिपोर्ट में दी सभी सिफारिशों को लागू कर देगी, लेकिन देश भर के ग्रामीण डाक कर्मियों को झूठा आश्वासन देकर हड़ताल खुलवा दी थी। केंद्र सरकार की कर्मचारी विरोधी नीति के चलते एक दफा फिर देश के ग्रामीण डाक कर्मी हड़ताल पर जाने को मजबूर हो रहे हैं। दाताराम ने कहा कि ग्रामीण डाकघरों में नई-नई योजनाओं को लागू करके काम का बोझ तो बढ़ाया जा रहा है, लेकिन कर्मचारियों को मिलने वाले सुविधाओं को लागू नहीं किया जा रहा।
यह हैं मांगें
संगठनों ने 10 सूत्रीय मांग पत्र में कमलेशचंद्र कमेटी को मूलरूप से एक जनवरी 2016 से लागू करने, वेतनमान में संशोधन को लेकर जो कमेटी ने फॉर्मूला सुझाया था, उसे लागू करने, ग्रच्युटी राशि को कम से कम पांच लाख करने, जीआईएस लिमिट को बढ़ाकर पांच लाख करने, ईएसआई, ईपीएफ को लागू करने, स्थानांतरण नीति को बदलले चिल्ड्रन अलाउंस लागू करने, एमएसपी का लाभ देने तथा ग्रामीण डाकघरों का काम आठ घंटे करने की मांग की गई। अखिल भारतीय ग्रामीण डाक सेवक संघ के महामंत्री एसएस महादैवया ने कहा कि केंद्र सरकार को अनिश्चितकालीन का हड़ताल का नोटिस दो माह पूर्व दिया जा चुका है। इसके बावजूद केंद्र सरकार ने इस हड़ताल को रोकने के लिए उनकी मांगों पर कोई गौर नहीं किया, इसके चलते 18 तारीख से देशभर में हड़ताल शुरू हो जाएगी।