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नहीं भूली वाजपेयी की जादू की झप्पी

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अटल बिहारी वाजपेयी - फोटो : amar ujala
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अमर उजाला ब्यूरो

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बंगाणा (ऊना)। भारतीय राजनीति के शिखर पुरुष अटल बिहारी वाजपेयी 1982 में कुटलैहड़ आए थे। उस समय प्रदेश में विस चुनावों की बयार बह रही थी। कुटलैहड़ से भारतीय जनता पार्टी का सूर्योदय करने वाले स्वर्गीय वेद रत्न आर्य भाजपा की ओर से मैदान में थे। उनके पक्ष में चुनावी जनसभा को संबोधित करने के लिए अटल बिहारी वाजपेयी बंगाणा पहुंचे।

मंच में विराजमान होने से पहले वाजपेयी भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ झप्पी डाल कर मिले थे। वाजपेयी की मौत से शोकाकुल उन कार्यकर्ताओं को आज भी उनका स्नेहपूर्ण मिलन याद है। मंच पर मात्र चार ही लोग बैठे थे। इनमें भाजपा कुटलैहड़ मंडल के संस्थापक अध्यक्ष गौरी चंद शर्मा, सुरेन्द्र शर्मा पिपलू, सुरेंद्र कुमार भलेती, तत्कालीन भाजपा युवा मोर्चा बंगाणा के अध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा। उन्होंने बताया कि उन्हें वो दिन याद है, जब अटल जी बंगाणा में चुनावी जनसभा को संबोधित करने दोपहर को लगभग 1 बजे पहुंचे थे। मंच पर कार्यकर्ताओं के साथ उनका स्नेह पूर्ण मिलना उनके असाधारण व्यक्तित्व को दर्शा रहा था। सभा को संबोधित करने के बाद जब उन्हें चायपान और खाने के लिए आग्रह किया गया तो उन्होंने मात्र पानी पिया और नादौनता विधानसभा क्षेत्र की ओर चल दिए।
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प्रांत उपाध्यक्ष एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सहकार भारती विजय मलांगड़ ने बताया कि सन् 1982 में वाजपेयी के बंगाणा पहुंचने पर उनका फूल मालाओं के साथ स्वागत किया गया। स्वागत को देख वे बहुत ही प्रफुल्ल हुए और आशीर्वाद भी दिया। शुक्रवार को कुटलैहड़ भाजपा ने स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की यादों को ताजा करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस दौरान भाजपा के प्रदेश सदस्य विजय शर्मा, मदन गोपाल वोहरा, जोगिन्द्र देव आर्य, राजेन्द्र रॉयल समेत अन्य उपस्थित रहे।

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