मां के जयकारों से गूंजा चिंतपूर्णी मंदिर, 35 हजार ने किए पिंडी दर्शन
हवन यज्ञ के साथ चैत्र नवरात्र मेलों शुभारंभ, मां को अर्पित किया सवा तीन किलो चांदी का छत्र
मंदिर से निकलने के रास्ते पर वीडियो बनाने और फोटो खींचने पर रोक : सुनील
अमर उजाला ब्यूरो
चिंतपूणी/भरवाईं(ऊना)।
उत्तर भारत के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल चिंतपूर्णी में रविवार को चैत्र नवरात्र मेले का विधिवत शुभारंभ किया गया। नवरात्र मेले के पहले दिन माता के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। दोपहर बाद डबल लाइन मोगा धर्मशाला तक जा पहुंची। रविवार सुबह माता के मंदिर में हवन यज्ञ से मेले का विधिवत शुभारंभ किया गया। इसमें मंदिर अधिकारी प्रेम लाल शर्मा समेत अन्यों ने आहुतियां डालीं। मेले की शुरुआत रविवार को होने के कारण हजारों की संख्या में श्रद्धालु शनिवार रात ही चिंतपूर्णी पहुंचना शुरू हो गए थे। इस कारण भीड़ काफी बढ़ गई। मंदिर न्यास के मुताबिक, रविवार को करीब 35 हजार श्रद्धालुओं ने माता के दरबार में शीश नवाकर पावन पिंडी के दर्शन किए। मंदिर परिसर में सैकड़ों श्रद्धालु मोबाइल फोन से वीडियो बनाते और फोटो खींचते नजर आए। इस कारण परिसर घंटों तक भरा रहा। इसी कारण श्रद्धालुओं की निकासी प्रभावित हुई। वहीं लाइन में दर्शन करने जा रहे श्रद्धालुओं को घंटों तक लाइनों में ही खड़े रह कर इंतजार करना पड़ा। मुख्य बाजार में लाइन व्यवस्था को सुचारु रूप से चलाने के लिए पुलिस कर्मचारियों की कमी भी खली। वहीं नियमों की अवहेलना करते हुए मुख्य बाजार में कई स्थानों पर श्रद्धालुओं की दो के बजाय चार लाइनें भी बन गई थीं।
चिकित्सा अधिकारी एसके वर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने श्रद्धालुओं को फ्री मेडिकल सुविधा का प्रबंध किया है। मंदिर न्यास ने 60 हजार रुपये की दवाइयां कैंप में उपलब्ध करवाई हैं।
मेला अधिकारी और एसडीएम अंब सुनील वर्मा ने बताया कि मंदिर परिसर में निकासी रास्ते पर वीडियो बनाने और फोटो खींचने पर प्रतिबंध के आदेश जारी कर दिए हैं।
मंदिर अधिकारी प्रेम लाल ने बताया की मुख्य बाजार में पुलिस कर्मचारी बढ़ा दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि लिफ्ट और वापसी गेट पर पूरी तरह निगरानी रहेगी। रविवार को मेले के पहले दिन करीब 35 हजार श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए हैं।