फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

...हौसलों से होती है उड़ान

विज्ञापन
विज्ञापन
-महिला दिवस पर विशेष-
विज्ञापन

...हौसलों से होती है उड़ान
हाथ कटा पर नहीं कम हुआ जज्बा
कुरियाला की शैला ने पेश की मिसाल
बाएं हाथ को बनाया अपना दायां हाथ
रविंद्र कुमार
ऊना। ... थककर वो बैठ जाते हैं, जिनकी कोशिशें नाकाम होती हैं। 2005 में जमा दो की पढ़ाई के दौरान हाथ मशीन में कट जाने के बाद कुरियाला की शैला उर्फ लक्ष्मी ने अपनी हिम्मत नहीं हारी और पढ़ाई को जारी रखा। कड़ी मेहनत और लगन के बाद शैला ने सीढ़ी दर सीढ़ी अपनी पढ़ाई को एक मुकाम तक पूरा कर क्षेत्र की महिलाओं के लिए मिसाल कायम की है। शैला ने अपनी पढ़ाई के साथ-साथ समाज में शिक्षा का अलख जगाने के लिए बतौर शिक्षिका भी अपनी सेवाएं दे रही हैं। शैला ने बताया कि जमा दो की पढ़ाई करते समय एक दिन उसका हाथ घास काटने वाली मशीन की चपेट में आ गया। इसके बाद एक समय ऐसा आया कि घरवालों ने भी शैला को पढ़ाई छोड़ने की नसीहत दे डाली। शैला में कुछ कर दिखाने का जज्बा था और अपने बाएं हाथ के साथ अपनी जिंदगी की लड़ाई को शुरू किया। उसने बाएं हाथ से लिखना शुरू किया और अपनी जमा दो की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद शैला ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और पढ़ाई में भी अव्वल रह कर ग्रैजुएशन करने के बाद एमकॉम की पढ़ाई की। इसके बाद शैला अपने घर के नजदीक शिवाजी मॉडल स्कूल में शिक्षा का अलख जगा रही हैं।
बाएं हाथ से ही करती हैं घरेलू काम
शैला उर्फ लक्ष्मी अपने बाएं हाथ से ही घरेलू काम करती हैं। झाडू़ लगाने से लेकर सब्जी बनाने तक सब काम बाएं हाथ से करती हैं। बाएं हाथ से ही वह लिखने का काम भी करती हैं। इसकी सभी सराहना करते हैं। शैला ने महिलाओं के लिए एक मिसाल कायम की है।
विज्ञापन
विज्ञापन


नहीं मिल पाया सरकारी योजनाओं का लाभ
शैला का दायां हाथ मशीन में आने से कट गया। इसके बावजूद उसने अपनी हिम्मत नहीं हारी। शैला का कहना है कि उसे आज दिन तक सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिला। यूं तो सरकारें दिव्यांगों के लिए कई योजनाएं बनाने का दावा करती हैं लेकिन धरातल पर दिव्यांगों को लाभ नहीं मिल पा रहा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें