मैहतपुर(ऊना)।
पड़ोसी सूबे पंजाब के खाद कारखाने की खाली जमीन पर स्थानीय औद्योगिक क्षेत्र के कुछ कारखानों और स्थानीय नगर परिषद का कचरा शिवालिक एवेन्यू के बाशिंदों के लिए आफत बन गया है। एनएफएल की खाली जमीन पर टनों के हिसाब से जमा कचरे की वजह से एक ओर प्रदूषण का खतरा बढ़ गया है, वहीं मवेशियों की चरागाह भी खत्म हो गई है।
नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड एक के तहत औद्योगिक क्षेत्र के कई उद्योगों का वेस्ट कचरा बोरियां में भर कर ट्रालियों के जरिये फेंका जा रहा है। इसमें केमिकलयुक्त पदार्थ, फेविकोल समेत दूसरे किस्म का कचरा शामिल है। हैरत की बात यह कि पंजाब प्रदूषण विभाग समेत एनएफएल प्रबंधन भी इस मामले में मूकदर्शक बना बैठा है।
जल्द ही इस ओर कोई कड़े कदम न उठाए गए तो निकट भविष्य में यह कचरा बहुत बड़ी मुसीबत बन जाएगा। नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड-9 के कई लोगों ने जिप सदस्य पंकज सहोड़ को एक लिखित शिकायत में कहा कि कई उद्योगों का केमिकलयुक्त पदार्थ बोरियां में भरकर फेंका जा रहा है। यह जलाने पर भी पूरी तरह से नष्ट नहीं हो पाता। मौके पर पाया गया कि फेंके जा रहे कचरे में फेविकोल का वेस्ट मैटीरियल और कुछ अन्य केमिकल उद्योगों का कचरा शामिल है जिससे हरी घास तक नष्ट हो रही है।
लोगों की शिकायत के बाद देखा मौका
जिला परिषद सदस्य पंकज सहोड़ ने कहा कि लोगों और पड़ोसी सूबे पंजाब के शिवालिक एवेन्यू से कई लोगों की लिखित शिकायत मिलने के बाद मौके पर पता चला कि सैकड़ों टन कचरा जमा हो गया है। जो मवेशियों के चरने के लिए सुरक्षित रहना चाहिए था। वहां अब बेहद खतरनाक कचरा फेंककर प्रदूषण फैलाया जा रहा है।
एनएफएल प्रबंधन से मांगी कार्रवाई
शिवालिक एवेन्यू निवासी प्रभात कुमार, हरीशचंद्र, रिपुदमन ओहरी समेत अनेक अन्य लोगों ने कहा कि मामले को पंजाब प्रदूषण बोर्ड और एनएफएल मैनेजमेंट से समक्ष उठाया जाएगा। दिनोंदिन बढ़ रहे कचरे की ढेर उनके लिए आफत बनते जा रहे हैं।
एनएफएल के महाप्रबंधक निरलेप सिंह ने कहा कि उनके ध्यान में मामला नहीं लाया गया है। ऐसी शिकायत पर निश्चित तौर पर कार्रवाई की जाएगी।
नगर परिषद अध्यक्ष मंजू चंदेल ने कहा कि उचित कचरा प्रबंधन से इस समस्या के पुख्ता हल के प्रयास किए जा रहे हैं।