एसडी शर्मा
मैहतपुर (ऊना)।
ईंट भट्ठों की वजह से आकाश में उड़ने वाले काले और प्रदूषण युक्त धुएं के दिन खत्म होने को हैं। अगले कुछ महीनों तक आकाश में प्रदूषण फैलाने वाले काले धुएं की जगह सफेद धुआं नजर आएगा। ऊना जिला के सरहदी गांव रायपुर सहोड़ां में हरिओम ब्रिक्स उद्योग ने पहल कर इसकी शुरूआत की है। ईंट भट्ठा उद्योग से जुड़े उद्योगपतियों को अगले कुछ महीनों में ईंट भट्ठों को प्रदूषणमुक्त बनाना होगा वरना उन्हें बंद कर दिया जाएगा।
ईंट भट्ठे को प्रदूषण मुक्त करने को हाई ड्राफ्ट नामक प्रोजेक्ट लगाना लाजमी किया गया है। प्रोजेक्ट के लगने से ईंट भट्ठों में ईंटों को तैयार करते समय काला धुआं आकाश में नहीं उड़ता बल्कि सफेद एवं प्रदूषण रहित धुआं निकलता है। इस प्रक्रिया में धुएं को कई पाइपलाइनों से गुजारा जाता है, अंत में चिमनी से बाहर निकलते समय धुआं न केवल सफेद हो जाता है बल्कि उसमें राख के महीन से महीन कण भी बाहर नहीं निकलते। 40 से 50 लाख के इस प्रोजेक्ट को यूपी के मुरादाबाद की एक फर्म ने करीब तीन माह में तैयार किया है। भट्ठों में प्रयोग होने वाले साबुत कोयले की जगह कॉल क्रशर मशीन में बारीक कर इस्तेमाल किया जाता है ताकि कोयले की खपत घट सके।
ऊना जिला के सरहदी क्षेत्र मैहतपुर के साथ लगते गांवों रायपुर सहोड़ां, अजौली, छत्रपुर, नगर परिषद् मैहतपुर-बसदेहड़ा में इस समय करीब 18 से 20 ईंट भट्ठे चल रहे हैं जो काला और प्रदूषणयुक्त धुंआ छोड़कर वातावरण को प्रदूषित कर रहे हैं। हरिओम ब्रिक्स उद्योग रायपुर सहोड़ां के मालिक सुनील चंद्र ने बताया कि उन्होंने ईंट भट्ठे को प्रदूषण मुक्त कर दिया है। हाई ड्राफ्ट प्रोजेक्ट लगने के बाद ईंटों का पहला स्टॉक तैयार हो रहा है।
प्रोजेक्ट लगाना जरूरी : डॉ. श्रवण
प्रदूषण विभाग के अधीक्षण अभियंता डॉ. श्रवण कुमार की मानें तो सभी ईंट भट्ठा मालिकों को यह प्रोजेक्ट को लगाना लाजमी बना दिया है। भट्टा मालिक अगर इस प्रोजेक्ट को नहीं लगाएंगे तोभट्ठों को बंद कर दिया जाएगा।