शशिभूषण पुरोहित
ऊना।
सियासी पालने में झूली रही 922 करोड़ की तटीकरण योजना इस बार जनता के राडार पर है। नेताओं को इस परियोजना के पूरा न होने पर जनता के बीच सवालों की बौछार झेलनी पड़ रही है। हालांकि कांग्रेस और भाजपा दोनों ही राजनीतिक दलों ने इस योजना को मुद्दा बनाया है। लेकिन जनता का आरोप है कि नेताओं ने इस योजना पर सियासी रोटियां सेंकी है। परियोजना में लेटलतीफी से इसकी लागत बढ़ जाएगी, वहीं पूरे जिला को योजना का लाभ नहीं मिल पाया है।
केंद्र सरकार ने स्वां प्रोजेक्ट की फंडिंग को रोक रखा था। हाल ही में केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री ने आदर्श चुनाव आचार संहिता की घोषणा से पहले इस परियोजना के लिए हालांकि 52 करोड़ की राशि जारी करने का एलान किया लेकिन चुनाव के शोर में परियोजना का काम ठप पड़ा है। प्रदेश में आम विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अब इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शेष कार्य तीन महीने और खिसक गया है। कांग्रेस का आरोप है कि प्रदेश भाजपा के नेताओं ने इस प्रोजेक्ट का बजट रोका है जबकि भाजपा का कहना है कि कांग्रेस ने तटीकरण योजनाओं के विभिन्न चरणों में श्रेय की सियासत कर केंद्र को विश्वास में लिए बगैर उद्घाटन और शिलान्यास किए। दोनों दलों की लड़ाई में न केवल प्रोजेक्ट की लागत बढ़ गई, किसानों को मिलने वाला लाभ कहीं दूर रह गया। बहरहाल यह मुद्दा चुनावों में बुरी तरह से गर्मा गया है।
क्या कहते हैं लोग
स्थानीय निवासी राजिंद्र शर्मा, इकबाल सिंह, महेंद्र सिंह, रणजीत ठाकुर, मीनाक्षी शर्मा के अलावा जिला के किसानों में देव राज, छोटू राम सैणी, दिलबाग सिंह, जसवंत सिंह, देव राज, जरनैल सिंह, बलवंत सिंह, किशन कुमार का कहना है कि जब केंद्र सरकार ने परियोजना को मंजूर किया तो इसका बजट रोकना ठीक नहीं। उसकी वजह कुछ भी हो। लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी परियोजना पर राजनीति से आम जनता का तो नुकसान होता है, देश को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है। उन्होंने कहा कि लोग इस मुद्दे पर नेताओं से सवाल कर रहे हैं।
क्या कहते हैं भाजपा अध्यक्ष
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सत्ती का कहना है कि भाजपा कभी श्रेय की राजनीति नहीं करती। यह परियोजना प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल की देन है। केंद्र ने जब-जब परियोजना के लिए बजट जारी किया, प्रदेश सरकार ने इस पर सियासत की। केंद्र में प्रदेश के प्रतिनिधि सांसद को शिलान्यासों में न बुलाकर झूठा श्रेय लेने की राजनीति कांग्रेस ने की।
क्या कहते हैं उद्योग मंत्री
प्रदेश में उद्योग, श्रम एवं रोजगार मंत्री मुकेश अग्निहोत्री का कहना है कि स्वां परियोजना का श्रेय लेने वाले भाजपा नेताओं को यह याद होना चाहिए कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना को केंद्र की तत्कालीन यूपीए सरकार ने हरी झंडी दिखाई थी। हैरत की बात है कि प्रदेश सरकार ने अपने हिस्से के 400 करोड़ परियोजना पर खर्च किए लेकिन भाजपा ने इस पर अड़ंगा लगाकर बजट ही रोक दिया।