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ग्रामीण डाकघरों में पूरी तरह ठप रहा कामकाज

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ऊना। कमलेशचंद्र कमेटी के सिफारिशों को जल्द लागू किए जाने की मांग को लेकर अनिश्चित कालीन हड़ताल कर रहे देशभर के 2 लाख 76 हजार ग्रामीण डाक कर्मियों की हड़ताल वीरवार को दूसरे दिन भी जारी रही। ऊना मुख्य डाकघर में एकत्र हुए ऊना डाक मंडल के ज्यादातर ग्रामीण डाक कर्मियों ने पोस्टल बोर्ड की अफसरशाही के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कहा कि देश भर के ग्रामीण डाककर्मियों पर काम का बोझ बढ़ाया जा रहा है, दूसरी ओर उनके वेतनमानों के लिए गठित कमलेशचंद्र कमेटी की रिपोर्ट को केंद्र सरकार जानबूझ कर लागू नहीं कर रही है। जीडीएस यूनियन ऊना मंडल के अध्यक्ष बलवीर सिंह ने कहा कि कमलेशचंद्र कमेटी की रिपोर्ट में भारी काट छांट करके सरकार इसे लागू करना चाहती है, जिसमें कर्मचारियों के लिए बनाई गई कमेटी की सिफारिशों का कोई अर्थ ही नहीं रह जाता। ग्रामीण डाक कर्मचारी संघ के परिमंडलीय सचिव दाता राम चंदेल ने कहा कि पोस्टल बोर्ड की अफसरशाही खुद के वेतन चार-चार गुणा बढ़ा रहे हैं और देश में डाक विभाग की रीढ़ कहे जाने वाले ग्रामीण डाक कर्मियों के वेतनमान की रिपोर्ट को पिछले एक साल से दबाया जा रहा है। चंदेल ने कमेटी की सिफारिशों को पढ़कर सुनाया और कहा कि इसमें भारी काट छांट कर दी गई है। हड़ताल में बैठे जीडीएस कर्मियों को हिमाचल प्रदेश इंटक ने अपना खुला समर्थन देने का एलान किया है। इंटक के वरिष्ठ नेता कामरेड जगतराम शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियां कर्मचारी विरोधी है, इसीलिए डाक विभाग के इस वर्ग की अनदेखी की जा रही है। कामरेड ने कहा कि 15 अगस्त को प्रधानमंत्री मोदी के भाषण में देश के कर्मचारी वर्ग को घोर निराशा हुई है। वीरवार को बलवीर सिंह, दाताराम, अजय कुमार, सुरेंद्र सिंह, सुषमा, सत्यादेवी, मनोज, लखवीर सिंह, नितिश, गुरमुख सिंह, विनोद कुमार, रामकुमार, सुखदेव शर्मा, कमल, शंभूनाथ, मोहन लाल, प्रमोद समेत समस्त कर्मचारी हड़ताल पर रहे।
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