थानाकलां (ऊना)। स्वतंत्रता दिवस पर स्कूल से वापस घर लौट रही अध्यापिकाओं के टिकट मांगने पर एक निजी बस परिचालक ने उन्हें जबरन बस से नीचे उतार दिया। अध्यापिकाओं का आरोप है कि वह 15 अगस्त को केंद्रीय विद्यालय बंगाणा में स्वतंत्रता दिवस पर छात्रों को मौलिक और अन्य अधिकारों के प्रति जागरूक कराने के लिए केंद्रीय विद्यालय गईं थीं। ये महिलाएं केंद्रीय विद्यालय बंगाणा में प्रवक्ता और टीजीटी के पद पर कार्यरत हैं। कार्यक्रम के बाद घर वापसी के लिए एक नियमित रूट पर चलने वाली निजी बस में सवार हुईं। बस हमीरपुर से ऊना की ओर जा रही थी। कुछ देर बाद बस का परिचालक उनके पास आया। अध्यापिकाओं में से एक ने ऊना और एक ने थानाकलां जाना था। शिक्षकों ने बस परिचालक को किराया देने के बाद टिकट देने की मांग की। इस पर परिचालक ने कहा कि इस बस में टिकट नहीं मिलता है आप पैसे दो अन्यथा बस से नीचे उतर जाओ और बस को रुकवाकर नीचे उतार दिया। इन अध्यापिकाओं का आरोप है कि बस के परिचालक ने भरी बस में उन्हें अपमानित किया और बस से नीचे उतारने के लिए धक्के भी दिए। शिक्षिकाओं का आरोप है कि अगर निजी बसों में महिला शिक्षकों के साथ ही ऐसा अभद्र व्यवहार हो रहा है, तो आम महिलाओं की सुरक्षा की क्या गारंटी है? अध्यापिकाओं ने परिवहन मंत्री जीएस बाली से इस संबंध में कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। इस संबंध में आरटीओ ऊना एमएल धीमान का कहना है कि यह बस हमीरपुर डिपो के अधीन चलती है। इस पर कार्रवाई भी हमीरपुर के आरटीओ ही करेंगे।