शिक्षा निदेशालय ने वंचित विद्यार्थियों के खातों के साथ आधार कार्ड जोड़ने को कहा
निदेशालय ने विभाग को चेताया, कई बार निर्देशों के बावजूद नहीं हुई कोई कार्रवाई
कहा- बच्चों का छात्रवृत्ति से वंचित रह जाना चिंताजनक, गंभीरता दिखाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। शिक्षा निदेशालय की ओर से छात्रवृत्ति के पात्र विद्यार्थियों के आवेदनों को लेकर कई दिशा- निर्देश जारी किए गए हैं। इसके बावजूद 200 विद्यार्थी अभी भी इस लाभ से वंचित हैं। विद्यार्थियों ने छात्रवृत्ति के लिए आवेदन तो कर दिए, लेकिन इससे जुड़ी औपचारिकताओं में खामी पाई गई। निदेशालय ने स्कूलों को दोबारा निर्देश जारी किए हैं कि प्री एवं पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के पात्र विद्यार्थियों के बैंक खाते से आधार कार्ड नंबर जोड़े जाएं।
जानकारी के अनुसार शिक्षा निदेशालय की ओर से छात्रवृत्ति के पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान करने के लिए प्रत्येक शैक्षणिक सत्र में दिशा-निर्देश दिए जाते रहे हैं। हर वर्ष सैकड़ों विद्यार्थी ऐसे रह जाते हैं, जिन्हें समय पर योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता। इसकी मुख्य वजह विद्यार्थियों के बैंक व डाक खातों में आधार कार्ड का लिंक नहीं होना है। यह समस्या हर वर्ष की है। निदेशालय से स्कूल प्रबंधकों को हिदायत दी है कि पात्र विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को उचित आवेदन करने और उनके खातों के आधार लिंक करने को लेकर जागरूक किया जाए। इसे लेकर स्कूल में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन होना चाहिए।
ध्यान रहे कि पीएम-यशस्वी छात्रवृत्ति योजना केंद्र सरकार की योजना है। योजना के तहत अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग (ईबीसी) और विमुक्त, खानाबदोश जनजातियों (डीएनटी) के विद्यार्थियों को प्री-मेट्रिक स्तर पर शैक्षिक सहायता दी जाती है। योजना का मकसद इन वर्गों के बच्चों का कल्याण और प्रोत्साहन करना है। इसके तहत पात्र विद्यार्थियों को 75000 रुपये तक छात्रवृत्ति राशि प्रदान की जाती है। निदेशालय की ओर से छात्रवृत्ति के पात्र जिन विद्यार्थियों की सूची जारी की है, उनमें नौवीं और दसवीं में पढ़ाई कर रहे बच्चे शामिल हैं। सूची में विद्यार्थियों के साथ उनके स्कूल का नाम भी अंकित किया गया।
कोट्स
निदेशालय की ओर से छात्रवृत्ति से वंचित रहे विद्यार्थियों की सूची प्राप्त हुई है। संबंधित स्कूलों को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। स्कूलों को हिदायत दी गई है कि औपचारिकताओं को समय रहते पूरा करें। इसमें अभिभावकों की जागरूकता भी बढ़ाई जाए ताकि भविष्य में विद्यार्थियों को समय पर छात्रवृत्ति का लाभ मिल पाए। -अनिल कुमार, उपनिदेशक, जिला उच्च शिक्षा विभाग।