धूप में ही खड़े होकर लाइनों में अपनी बारी की प्रतीक्षा करते हुए श्रद्धालु। संवाद
चिंतपूर्णी मंदिर में 20 सालों से समस्या से जूझ रहे श्रद्धालु
करोड़ों का चढ़ावा होने के बाद भी समस्याएं बरकरार
चिंतपूर्णी व्यापार मंडल ने मंदिर प्रबंधन की अव्यवस्था पर जताया रोष
संवाद न्यूज एजेंसी
चिंतपूर्णी (ऊना)। माता चिंतपूर्णी मंदिर में रविवार को श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा। 20 हजार श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। वहीं, धूप में लाइनों में खड़े श्रद्धालुओं को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ा और मंदिर प्रशासन मौन रहा। श्रद्धालु कड़कती धूप में घंटों लाइनों में खड़े होकर अपनी बारी की प्रतीक्षा करते रहे। इनकी सुध किसी ने नहीं ली। 20 साल पहले जिन समस्याओं से श्रद्धालु जूझते थे, आज भी करोड़ों का चढ़ावा होने के बाद भक्तों के लिए समस्याएं यूं ही बनी हुई हैं। सिर्फ पैसा खर्च करने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुविधा, बाकी सब धक्के खाने को मजबूर हैं। पिछले दिन बारिश का मौसम था, जबकि रविवार को सुबह से ही धूप खिली। मंदिर प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा माता के भक्तों को धूप में खड़े होकर भुगतना पड़ रहा है। चिंतपूर्णी व्यापार मंडल के प्रधान वासुदेव पाधा, उपप्रधान संजय कालिया, संजीव, राजेश, राजेंद्र कालिया ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि रविवार को श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कड़कती धूप में भी छायामान न लगाना मंदिर प्रशासन की संवेदनहीनता है। छोटे बच्चे, बुजुर्ग कड़ाके की धूप में काफी परेशान दिखे। कई स्थानीय लोग बार-बार मंदिर कार्यालय में फोन करते रहे। दोपहर बाद एक बजे कुछ छायामान मंदिर प्रशासन की ओर से लगा कर कुछ राहत दी गई। दिनभर श्रद्धालुओं की डबल लाइनें होटल संतोष से भी आगे निकल गईं थीं। मंदिर अधिकारी अजय मंडियाल ने बताया कि रविवार को श्रद्धालुओं की काफी भीड़ रही। 20 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। पिछले दिन मौसम काफी खराब था। रविवार को दोपहर के समय धूप तेज थी और छायामान भी लगाए गए।