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मात्र छह दिनों में ही 1860 रुपये तक गिरे दाम, आलू धड़ाम

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ऊना। मात्र छह दिनों में ही आलू की फसल के मूल्यों में 1860 रुपये प्रति क्विंटल की भारी गिरावट ने किसानों की कमर तोड़ कर रख दी है। छह दिन पहले आलू की फसल का शुरूआती मूल्य 3300 रुपये प्रति क्विंटल था, जो कि वर्तमान समय में 1860 रुपये कम होकर 1440 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है। वहीं, अभी तक जिलाभर में आलू की फसल की 50 प्रतिशत पटाई बाकी है। जिसका दिन-प्रतिदिन मूल्य गिरता जा रहा है। जिससे किसानों को घाटे पर घाटा खाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इससे चलते जिला के किसान पूरी तरह से बौखला चुके हैं। जिसके चलते किसान गिरते मूल्यों के कारण आलू की कच्ची फसल की ही पटाई कर रहे हैं। हालांकि इससे किसानों को आलू की फसल की उचित पैदावार नहीं मिल रही है। मौसम और बीज खरीदने के लिए महंगाई की मार झेलने के बाद अब आलू के उचित मूल्य न मिलने पर किसान एक ही फसल पर तिहरी मार झेल रहे हैं। जिस कारण किसान पूरी तरह से आहत हो चुके हैं।
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खराब होने से लगाई थी दूसरी बार फसल
जिला के किसान पवन कुमार, दिलेर सिंह, कमल जीत सिंह, प्यारा लाल, हरदेव सिंह, होशियार सिंह, नरेश कुमार ने बताया कि उन्होंने बरसात के बाद भारी बेमौसमी बारिश के कारण उनकी सैकड़ों कनाल फसल बर्बाद हो चुकी है। जिससे उन्हें काफी घाटा खाना पड़ था। उन्होंने कहा कि उन्होंने दूसरी बार फसल की बिजाई तो की है, लेकिन बाजार के दामों को देखते हुए उन्हें ऐसा लग रहा है जैसे उन्हें फसल की पटाई के बाद आलू कौड़ियों के भाव बेचने पड़ेंगे। उन्होंने सरकार से मांग की है कि आलू की फसल के भी गेहूं व मक्की की फसलों की तरह ही निर्धारित मूल्य की पॉलिसी बनाई जाए।

सही पैदावार के लिए करें उचित समय पर पटाई : डॉ. सुरेश
कृषि उपनिदेशक डॉ. सुरेश कपूर ने बताया कि किसान आलू की फसल की सही पैदावार के लिए निर्धारित समय के दो-तीन दिन बाद ही पटाई करें। अन्यथा आलू की दामों के साथ-साथ फसल की पैदावार में भी किसानों को नुकसान झेलना पड़ सकता है। वहीं, ज्यादा जानकारी के लिए किसान वर्ग ब्लॉक स्तर पर कृषि उपकेंद्र से संपर्क कर सकते हैं।
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