ग्रामीण क्षेत्रों के डाकघरों में कामकाज ठप
देशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू
कहा-दो साल से लागू नहीं हो रही कमेटी रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
ऊना। देश भर के ग्रामीण डाकघरों में अनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में कामकाज पूरी तरह से प्रभावित रहा। अखिल भारतीय ग्रामीण डाक सेवक संघ के केंद्रीय नेतृत्व की अपील पर हिमाचल प्रदेश में सर्किल में ज्यादातर ग्रामीण डाक कर्मी हड़ताल पर रहे। मुख्य डाकघर में एकत्र हुए इन हड़ताली कर्मियों को भोजनावकाश के दौरान संबोधित करते हुए ग्रुप तृतीय के परिमंडलीय सचिव एचएस गुलेरिया ने कहा कि डाक विभाग ग्रामीण डाक कर्मियों का जमकर शोषण कर रहा है। नई-नई योजनाएं लागू की जा रही हैं, लेकिन सुविधाएं न के बराबर हैं। उन्होंने कहा कि हैरत की बात तो यह कि अफसरों का पद कोई खाली नहीं होता, लेकिन स्टाफ की कमी की किसी को चिंता नहीं। गुलेरिया ने कहा कि जीडीएस बधाई के पात्र हैं, जो अपने हक के लिए लड़ तो रहे हैं। सीएसआर के चलते डाक विभाग के तृतीय श्रेणी के कर्मचारी भी बुधवार से धरना-प्रदर्शन शुरू करेंगे। अगर उनकी आवाज न सुनी गई तो 29 मई से व् भी हड़ताल पर चले जाएंगे। गुलेरिया के मुताबिक इस वक्त 2 करोड़ के बिल पेंडिंग हैं, लेकिन विभाग के आला अफसरों को इस की चिंता नहीं। जीडीएस यूनियन के परिमंडलीय सचिव दाता राम चंदेल ने कहा कि कमलेशचंद्र कमेटी की रिपोर्ट नवंबर 2016 को सौंपी जा चुकी है। लेकिन हैरत की बात यह है कि आज दिन तक इस रिपोर्ट को लागू ही नहीं किया गया। उन्होंने दुख जताया कि उनके क्षेत्र के भाजपा सांसद भी केंद्र सरकार एवं संबधित मंत्री पर दबाव बनाने में नाकाम साबित हो रहे हैं। चंदेल ने कहा कि ऐसा लगता है कि कांग्रेस के नेता भी मौजूदा केंद्र सरकार से सहमे हुए हैं, इसीलिए देश भर के ग्रामीण डाक कर्मियों की आवाज उठाने से गुरेज कर रहे हैं। ऐसे नेताओं एवं दलों के खिलाफ आगामी दिनों में रणनीति बनाई जाएगी। कहा कि जो ग्रामीण डाक कर्मियों का साथ देगा, उसी का समर्थन किया जाएगा। देश व्यापी हड़ताल को लेकर एआईजीडीएसयू एवं एफएनपीओ के महासचिव डी किशन रॉव, एसएस महादैवेया, वीवी रॉव सहित अन्य केंद्रीय पदाधिकारियों की संयुक्त अपील पर ही देशभर में अनिश्चित कालीन हड़ताल शुरू हुई है। बीएमएस से जुड़े कर्मचारी पहले ही 14 मई से हड़ताल पर हैं। इस मौके पर दाता राम चंदेल, बलवीर सिंह, रामकुमार, वचित्र सिंह, बलजीत सिंह, नितिश, रामकुमार, रामदास, राकेश कुमार, मोहन लाल, शिव कुमार, गगनदीप, राजाराम, सुदेश कुमारी, अमरजीत कौर, सरोज कुमारी, गुरमीत कौर, अवतार सिंह, जरनैल सिंह, रामलाल, राकेश कुमार, जीतराम, दर्शना देवी, शशि शर्मा, दलीप कुमार, सुनील दत्त, वीरेंद्र कुमार, किशन चंद, गुरदयाल सिंह, रविदत्त, प्रमोद सिंह, वीर सिंह समेत अनेक लोग मौजूद रहे।