टाहलीवाल (ऊना)। औद्योगिक क्षेत्र के तहत एक उद्योग के गंदे पानी की निकासी से खेतों को नुकसान पहुंचा रहा है। उद्योग के गंदे पानी से खेतों में बोई गेहूं की फसल खराब हो गई है। मामले को लेकर ग्रामीणों ने गंदे पानी की शिकायत प्रदूषण विभाग से की।
इस पर कार्रवाई करते हुए प्रदूषण विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर पानी के सैंपल लिए। प्रदूषण विभाग की टीम ने पानी के सैंपल धर्मशाला स्थित लैब में जांच के लिए भेजे हैं। विभाग की कार्रवाई से उद्योग प्रबंधन में हड़कंप मच गया। नगर पंचायत टाहलीवाल के वार्ड नंबर दो के निवासी दिलबाग सिंह, प्रीतम चंद, राज कुमार, अवतार चंद, यशपाल सिंह, कालू का कहना है कि एक उद्योग की दीवार से उनके खेत सटे हैं।
उद्योग द्वारा छोड़े जा रहे गंदे पानी से उनके खेतों में लगाई फसलों को नुकसान हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि उद्योग के गंदे पानी से खेतों में बीजी गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है। खेतों में बीजी गई गेहूं की फसल खराब होने से क्षेत्र के किसानों को नुकसान झेलना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि पहले भी कई बार खेतों में गंदे पानी की निकासी से फसलें खराब हो चुकी हैं।
विभाग की टीम ने ग्रामीणों की शिकायत के आधार पर कार्रवाई की है। टीम ने मौके पर पहुंचकर पानी के सैंपल भरे हैं। टीम ने पानी के सैंपल जांच के लिए धर्मशाला लैब में भेजे दिए हैं। खेतों में उद्योग का पानी पहुंचने को लेकर जांच की जा रही है।
एसके धीमान, एक्सईएन, प्रदूषण विभाग