ऊना।
स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने रविवार को ऊना अस्पताल का निरीक्षण किया। अस्पताल पहुंचने पर जहां किचन में पहुंचने पर स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार अव्यवस्थाओं को लेकर भड़क उठे। स्वास्थ्य मंत्री ने किचन की छत की दयनीय हालत को देखकर अस्पताल प्रशासन से जवाब तलबी की। विपिन परमार ने किचन में बन रहे भोजन सहित अन्य खाद्य पदार्थों की समय-समय पर जांच करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जल्द ही किचन में सफेदी करवाई जाए और व्यवस्थाएं सुधारी जाएं। जिस तरह मौजूदा समय में किचन की हालत है, उससे यहां पर भोजन परोसने का अंदाजा लगाया जा सकता है। विपिन परमार ने इसे लेकर मेट्रन और एमएस को लताड़ भी लगाई। उन्होंने कहा कि अगर भविष्य में ऐसी कोताही बरती गई तो सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। अगली बार वह बिना बताए औचक निरीक्षण करने पहुंचेंगे। अस्पताल प्रशासन इसे लेकर सकारात्मक जवाब नहीं दे पाया। विपिन परमार ने मेडिकल वार्ड, सीसीयू वार्ड, डायलिसिस केंद्र का जायजा लिया।
डायलिसिस केंद्र में एसी और जेनरेटर सुविधा न होने पर मंत्री ने असंतुष्टि जाहिर की और शीघ्र ही एसी व जेनरेटर लगाने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य मंत्री ने रोगियों का कुशल क्षेम भी पूछा और ज्यादा से ज्यादा दवाइयां अंदर से ही लिखने की बात भी चिकित्सकों को कही। स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल परिसर में उचित सफाई व्यवस्था को देखकर खुश हुए। उन्होंने सफाई कर्मचारियों की टीम की सराहना की। इस अवसर पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती, जिलाध्यक्ष भाजपा बलवीर बग्गा, भाजपा के प्रवक्ता प्रो. राम कुमार, उपायुक्त ऊना राकेश कुमार प्रजापति, एसपी दिवाकर शर्मा, सीएमओ ऊना डॉ. निखिल, एमएस डॉ. भारत भूषण कटोच, एसएमओ डॉ. रामपाल उपस्थित रहे।
स्टाफ की कमी को लेकर सौंपा ज्ञापन
ऊना अस्पताल में चल रही स्टाफ की कमी को लेकर स्टाफ नर्सों ने मांगों को लेकर ज्ञापन स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार को सौंपा। इसमें अस्पताल में शीघ्र स्टाफ की कमी को दूर करने की मांग की गई। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि शीघ्र ही प्रदेश में स्टाफ की कमी को दूर किया जाएगा। इसके लिए प्रक्रिया चली हुई है। उन्होंने ऊना अस्पताल के लिए अन्य जगहों से डेपुटेशन आधार पर स्टाफ लगाने की बात भी कही।
घर में प्रेक्टिस करने वाले चिकित्सकों पर होगी कार्रवाई
विपिन सिंह परमार ने चेताया कि घर में प्रेक्टिस करने वाले चिकित्सक समय रहते सुधर जाएं वरना प्रेक्टिस करने वाले चिकित्सकों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।