ऊना।
कृषि उत्पादन में बढ़ोतरी लाने के लिए कृषि आदान विक्रेताओं को आधुनिक कृषि तकनीकों और उत्तम किस्म के बीज, दवाइयों की जानकारी ग्रामीण स्तर तक किसानों को देने के लिए बुधवार को ऊना में एक साल का डिप्लोमा इन एग्रीकल्चरल एक्सटेंशन सर्विसेज फॉर इनपुट डीलर्स (देसी) का कोर्स शुरू हुआ। इस एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स के लिए 40 कृषि आदान विक्रेताओं को पंजीकृत किया है।
प्रशिक्षण कोर्स का शुभारंभ कृषि विभाग के निदेशक डॉ. देश राज शर्मा ने किया। उन्होंने बताया कि इस कोर्स से हर सप्ताह में एक दिन कक्षा लगाई जाएगी। क्षेत्रीय स्तर पर आठ भ्रमण करवाने के साथ-साथ कृषि इनपुट से संबंधित कानूनों के बारे में भी बताया जाएगा। उन्होंने बताया कि देश में दो करोड़ 82 लाख के लगभग कृषि-इनपुट डीलर क्रियाशील हैं। उन्होंने बताया कि अधिकांश इनपुट डीलर औपचारिक कृषि शिक्षा से अनभिज्ञ होते हैं। इस कोर्स से इनपुट डीलर शिक्षित होकर किसानों को पूर्ण जानकारी उपलब्ध करवाने में सक्षम हो सकेंगे।
उन्होंने बताया कि 48 सप्ताह की अवधि में इनपुट डीलरों के लिए कोर्स को ऐसे डिजाइन किया है कि कृषि आदान डीलर्स रोजाना व्यापार को प्रभावित किए बगैर रविवार या किसी अन्य छुट्टी वाले दिन कक्षाएं लगा सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स के लिए पंजीकृत पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर किया जा रहा है।
परियोजना निदेशक आतमा बीआर तक्खी, उप परियोजना निदेशक रविद्र सिंह जसरोटिया, उप निदेशक कृषि यशपाल चौधरी, निदेशक कृषि समिति एनके बधान, जिला कृषि अधिकारी सुरेश शर्मा के अलावा जिला भर कई कृषि उत्पाद विक्रेता उपस्थित रहे।