टेंडर से पहले खड्डों में शुरू कर दिया पेवर्स का काम : रायजादा
काम पूरा होने से पहले रद्द कर दी टेंडर प्रक्रिया
कहा-अधिकारी चहेतों को बांट कर करोड़ों के काम
विधानसभा में उठाया जाएगा मुद्दा
अमर उजाला ब्यूरो
ऊना। जिले के कुछ अधिकारी टेंडर घोटाला कर रहे हैं। टेंडर से पहले ही चहेतों को काम बांटे गए हैं। यह आरोप विधायक सतपाल सिंह रायजादा ने लगाए। उन्होंने आरोप लगाया कि फ्लड और आईपीएच ने खड्डों के किनारे पेवर्स लगाने का काम टेंडर से पहले ही शुरू कर दिया गया। जुलाई में इन पेवर्स का काम करवाया गया जबकि टेंडर्स भरने की अंतिम तिथि 30 जुलाई थी। अब जब काम पूरा होने को है तो विभाग ने टेंडर प्रक्रिया को रद्द कर दिया।
उन्होंने जयराम सरकार से भी सवाल किया है कि जब टेंडर ही नहीं हुए तो निर्माण कैसे हो गया। इससे जाहिर है कि घोटाले में प्रशासनिक अधिकारी मिले हैं। उन्होंने कहा कि इसी तरह आईपीएच विभाग में भी ऐसा ही विकास चला हुआ है। रायजदा ने कहा कि इन मामलों की विजिलेंस जांच भी करवाई जाएगी। इसके साथ ही अन्य विभागों में भी चल रहे घोटालों की भी जांच करवाई जाएगी।
रायजादा ने प्रशासनिक अधिकारियों पर सरकारी तंत्र के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बिना टेंडर चहेतों को करोड़ों के विकास कार्य सौंपे जा रहे हैं। अधिकारी किसके इशारे पर यह सब कर रहे हैं, जनता सब जानती है। रायजादा ने कहा कि इस मुद्दे को प्राथमिकता से विधानसभा में भी उठाया जाएगा। जिले में नियमों को ताक पर रखकर अधिकारी काम कर रहे हैं। फ्लड और आईपीएच विभाग में विकास कार्य करवाने को लेकर टेंडर न करने की बजाय चहेतों की जेबें भरी जा रही हैं। ठेकों की बंदरबांट की जा रही है। इसका अधिकारी जवाब तक नहीं दे पा रहे। उन्होंने कहा कि कुछ ठेकेदारों और भाजपा नेताओं के हाथों कठपुतली बनकर प्रशासन काम कर रह है।