ट्राले में आरा मशीन के साथ पांच अन्य उपकरण भी कब्जे में लिए
वन विभाग की टीम ने नाके के दौरान की कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
बंगाणा (ऊना)। उपमंडल बंगाणा में अवैध वन कटान जारी है। ताजा मामला बंगाणा उपमंडल के अंतर्गत आने वाले खुरवाई क्षेत्र का है। जहां वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से काटे गए 16 खैर के मोछों के साथ एक ट्राला जब्त किया है। आरा मशीन के साथ पांच अन्य उपकरण भी कब्जे में लिए हैं। आरोपी यशपाल पुत्र रोशन लाल को रात को नाके पर मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। जबकि, तीन अन्य आरोपी भाग गए। गुप्त सूचना के आधार पर रेंज ऑफिसर संदीप ठाकुर ने शनिवार रात गश्त के साथ नाके भी लगाए थे और रविवार सुबह चार बजे आरोपी गाड़ी सहित फॉरेस्ट टीम की गिरफ्त में आ गया। जानकारी के अनुसार खुरवाई क्षेत्र में रेंज ऑफिसर संदीप ठाकुर की अगुवाई में लगाए गए नाके के दौरान यह कार्रवाई की गई। टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि प्रसिद्ध धार्मिक स्थल जोगी पंगा के साथ लगते फॉरेस्ट क्षेत्र से अवैध रूप से खैर के पेड़ काटे जा रहे हैं। वन विभाग ने नाके के दौरान ट्राला पकड़ लिया, जिसमें खैर की लकड़ी लदी हुई थी। एक तरफ जहां पहाड़ी क्षेत्रों में गर्मी के चलते जंगलों में आग का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है, दूसरी ओर वन माफिया सक्रिय रूप से खैर के पेड़ों की अवैध कटान में लगा है। सरकारी भूमि और आरक्षित वन क्षेत्रों में हो रहे इस अवैध कटान ने विभाग की चिंता और भी बढ़ा दी है। इस बार कटान का स्थान भी विशेष रूप से संवेदनशील माना जा रहा है। यह धार्मिक आस्था से जुड़ा स्थल जोगी पंगा के पास स्थित है। विभाग पहले से ही कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है। पूरे जिले में फील्ड स्टाफ की संख्या जरूरत से काफी कम है। इससे गश्त और निगरानी कार्यों में बाधा आ रही है। वन रक्षक सीमित संसाधनों के साथ रात-दिन चौकसी कर रहे हैं लेकिन वन माफिया की तादाद और चालाकी के आगे विभाग की क्षमता अक्सर कम पड़ जाती है।
बाक्स
डीएफओ सुशील राणा पहुंचे मौके पर, बोले नहीं बख्शे जाएंगे वन काटू
जानकारी मिलते ही डीएफओ ऊना सुशील राणा स्वयं मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि अवैध वन कटान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अब तक करीब डेढ़ सौ से अधिक गाड़ियां अवैध लकड़ी और खैर के साथ पकड़ी जा चुकी हैं।