भरवाईं (ऊना)। सिविल अस्पताल चिंतपूर्णी में स्टाफ की कमी के साथ टेटनेस और एंटी रेबीज के इंजेक्शन भी नहीं मिल रहे हैं। एक दर्जनों पंचायतों की स्वास्थ्य की देख-रेख करने वाले अस्पताल में टेटनेस का एक इंजेक्शन भी उपलब्ध नहीं है।
डॉक्टर सामान्य दवाइयां भी बाहर से लेने के लिए कह रहे हैं। एक दिन पहले ही टोटा गांव के कुलदीप सिंह को कुत्ते ने काट था। वे कुत्ते को काटाने पर एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने सिविल अस्पताल चिंतपूर्णी पहुंचा। यहां डॉक्टर ने कहा कि एंटी रेबीज इंजेक्शन अस्पताल में नहीं है। जिस पर पीड़ित कुलदीप पुत्र हरिदास ने डॉक्टर को कहा कि टेटनेस का इंजेक्शन ही लगा दीजिए। डॉक्टर ने टेटनेस का इंजेक्शन भी अस्पताल में न होने की बात कही।
गौरतलब है कि लोगों ने भी चिंतपूर्णी अस्पताल की कमियों और स्टाफ के बारे में कई बार स्वास्थ्य मंत्री और सरकार को अवगत करवाया। लेकिन चिंतपूर्णी अस्पताल में आज तक कोई सुधार देखने को नहीं मिला है। चिंतपूर्णी अस्पताल के डॉक्टर रुबीन का कहना है कि अस्पताल में न तो टेटनेस का इंजेक्शन है और न ही एंटी रेबीज का। सीएमओ ऊना डॉक्टर रमन कुमार का कहना है कि एंटी रेबिज के इंजेक्शन की है। उन्होंने कहा कि अंब, चिंतपूर्णी, अस्पताल में ये इंजेक्शन नहीं है। उन्होंने कहा कि टेटनेस का इंजेक्शन चिंतपूर्णी अस्पताल में क्यों नहीं है इसको लेकर बीएमओ से जानकारी ली जाएगी।