अमर उजाला ब्यूरो
चिंतपूर्णी (ऊना)। आज के दौर में किसी के चेहरे पर मुस्कान लाना कठिन कार्य है। वो भी तब जब सोशल मीडिया नफरत बांटने का कार्य भी कर रहा है। ऐसे में एक व्हाट्सएप ग्रुप ने जानलेवा बीमारी से जूझ एक बच्ची की दिल खोलकर मदद की है।
हालांकि ग्रुप के सदस्य बच्ची और उसके परिवार को जानते तक नहीं हैं। स्थानीय वासियों ने कुछ समय पहले सुपर 100 के नाम से एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया था। इसमें क्षेत्र सहित पंजाब और हिमाचल के प्रबुद्ध लोगों को शामिल किया गया। बीते रविवार को इसी ग्रुप के सदस्य और प्रदेश पुलिस के जवान रजनीश बरोटिया जो कांगड़ा जिले के चन्नौर गांव से संबंध रखते हैं ने एक संदेश डाला था। इसमें पुलिस विभाग के ही संजीव कुमार जो चंबा में तैनात हैं, की तीन वर्षीय बेटी के ब्लड कैंसर से पीड़ित होने की बात कही गई थी।
बताया गया कि बच्ची का इलाज पीजीआई चंडीगढ़ में चल रहा है। बच्ची के इलाज पर लाखों रुपये खर्च होने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में ग्रुप के सदस्यों ने पड़ताल की और बरोटिया द्वारा डाले मैसेज को सही पाया। चंडीगढ़ में ही रह रहे ग्रुप के अन्य सदस्य निशांत शर्मा खुद पीजीआई में पहुंचे और बच्ची का हाल जाना। उन्होंने खुद बेटी की आर्थिक मदद की और बाकी सदस्यों को भी मदद के लिए प्रेरित किया। एक अन्य सदस्य अनुलेखा शर्मा के नेतृत्व में ग्रुप सदस्यों ने दो दिनों के अंदर ही करीब 75 हजार रुपये से ज्यादा की राशि एकत्रित करके बच्ची के पिता के बैंक खाते में जमा करवा दी। अपनी तरह के किए पहले सफल प्रयास के बाद ग्रुप सदस्यों ने सामाजिक सरोकारों को निभाने का निर्णय लिया है। क्षेत्र में ग्रुप द्वारा की गई आर्थिक मदद की प्रशंसा हो रही है।