अमर उजाला ब्यूरो
टाहलीवाल (ऊना)। बाथड़ी के चरण छोह गंगा खुरालगढ़ साहिब में रविवार को धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें हिमाचल, पंजाब सहित कई राज्यों के भारी संख्या में संगत पहुंची। कार्यक्रम में संत-महापुरुषों ने भी हाजिरी भरी।
चरण छोह गंगा खुरालगढ़ साहिब के प्रधान संत सुरिंद्र दास ने सत्संग में कहा कि जिंदगी में नशा नहीं करना चाहिए। नशा शरीर को अंदर से खोखला कर देता है। अगर नशा करना ही है तो गुरु रविदास मदिरा पीजिए। जो चढ़े-चढ़े न, उतरे-उतरे न। नाम महारस पीजिए जो चढ़े उतरे न...कहने का भाव है कि अगर नशा करना है तो गुरु के नाम का करो जो दिनरात चढ़ा रहे।
खुरालगढ़ साहिब में कई धार्मिक आयोजनों होते हैं। इसमें देश-विदेश सहित अलग-अलग राज्यों से श्रद्धालु नतमस्तक होने आते हैं। रविवार को जम्मू-कश्मीर से आए श्रद्धालुओं भी नतमस्तक हुए। पदाधिकारियों ने उन्हें चिह्न भी भेंट किए गए। इस अवसर पर चरण छोह गंगा खुरालगढ़ साहिब के प्रधान संत सुरिंद्र दास, संत जगविंद्र लांबा, संत दयाल चंद, संत निरंजन दास, संत गिरधारी लाल, हरदयाल सिंह, लाभ सिंह, सिंदर सिंह, निरंजन सिंह, सोहन सिंह, कुलवीर सिंह आदि ने भी हाजिरी भरी।