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एक साल से स्मार्ट वर्दी नहीं दे पाया शिक्षा विभाग

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China school uniform - फोटो : Social Media
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मणिकुमार सरोआ

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ऊना। शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों को टक्कर देनी के लिए सरकारी स्कूलों में भी विद्यार्थियों को स्मार्ट वर्दी पहनाने योजना बनाई थी। एक साल से सरकार की ओर से वर्दियां देने के लिए बैठकों पर बैठकें तो गईं लेकिन अभी तक वर्दियां नहीं मिल पाई है।

पिछले एक साल से स्मार्ट वर्दी का इंतजार कर रहे विद्यार्थियों का भी स्मार्ट वर्दी पहनने का सपना टूट गया है। अलगे माह सत्र खत्म हो जाएगा। योजना के तहत सूबे के सरकारी स्कूलों के 8,54,900 विद्यार्थियों को स्मार्ट वर्दी दी जानी है। सरकार ने निर्णय लिया था कि देरी की वजह से प्रदेश के विंटर क्लोजिंग स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को इस साल वर्दी नहीं मिल पाएगी। समर क्लोजिंग स्कूलों के विद्यार्थियों को जनवरी के अंतिम सप्ताह तक वर्दियां उपलब्ध करवाई जानी थी। हैरत की बात है कि अभी तक विद्यार्थी स्मार्ट वर्दी के इंतजार में हैं। हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ के अध्यक्ष विनोद बन्याल ने कहा कि हर सत्र में विद्यार्थियों को दो-दो वर्दियां और सिलाई के लिए 200-200 रुपये सरकार द्वारा उपलब्ध दिया जाता है। इस सत्र में एक भी वर्दी न मिलने से विद्यार्थियों सहित अध्यापकों में भी रोष है।
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हो गए टेंडर : धीमान
उच्चतर शिक्षा उपनिदेशक बीआर धीमान ने बताया कि विद्यार्थियों को वर्दियां उपलब्ध करवाने के लिए सरकार की ओर से टेंडर कर दिए हैं। जल्द ही विद्यार्थियों को वर्दियां मिल जाएंगी।
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यह है स्मार्ट वर्दी
सरकार ने निजी स्कूलों की तर्ज पर सरकारी विद्यालयों में भी स्मार्ट वर्दी लागू करने का निर्णय लिया था। छात्राओं को लाल, काले और सफेद रंग की चेकदार वर्दी मंजूर है। छठी से बारहवीं तक की छात्राओं को दुपट्टा भी मिलेगा। लड़कों के लिए ग्रीन रंग की पैंट और ग्रीन रंग की चेक शर्ट होगी। विद्यार्थियों को दो-दो सेट मिलेंगे। पहली से दसवीं के विद्यार्थियों को वर्दी की सिलाई का पैसा भी मिलेगा।

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