ऊना। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमन सूद की अदालत ने अपनी ही बहन की हत्या करने के आरोपी भाई को कठोर उम्रकैद और करीब 38 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी को विभिन्न धाराओं के तहत सजा सुनाई। मामले की पैरवी उपजिला न्यायवादी देवेंद्र कुमार चौधरी ने की। उन्होंने बताया कि 21 अक्तूबर 2014 को उपमंडल अंब के लंबासैल निवासी रमा रानी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी मामी कुछ दिनों से अपने पति के साथ चल रहे विवाद के चलते उनके पास रह रही थी। इसी दौरान 21 अक्तूबर की शाम हमीरपुर के गांव रक्कड़ का निवासी उसका मामा लखवीर सिंह उनके घर आ धमका, उस दौरान रमा रानी और उसकी माता वीना देवी घर के बरामदे में बैठी थीं। गुस्से में लखवीर ने अपनी बहन वीना देवी के सिर पर देसी कट्टे के बैरल से वार कर दिया और उसे घसीटते हुए उनकी पशुशाला की ओर ले गया। जहां उसकी मौत हो गई। अपनी मां को छुड़ाने की कोशिश करने पर लखवीर ने रमा रानी से भी मारपीट कर डाली और मौके से फरार हो गया। पुलिस ने सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच मामले की जांच शुरू कर दी थी। जिसके बाद आरोपी लखवीर को पुलिस ने गिरफ्तार किया और उसकी निशानदेही पर देसी कट्टा भी बरामद किया गया। अभियोजन पक्ष इस मामले में करीब 25 गवाह पेश किए। अदालत ने लखवीर को दोषी करार देते हुए धारा 302 के तहत कठोर उम्रकैद और 25 हजार रुपये जुर्माना जमा करवाने के आदेश जारी किए। जुर्माने की राशि मृतका के वारिसों को हर्जाने के रूप में दी जाएगी। वहीं धारा 323 के तहत एक साल की कठोर कारावास, 1 हजार जुर्माना, धारा 324 के तहत 3 साल कठोर कारावास, 2 हजार रुपये जुर्माना, आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत 3-3 साल कठोर कारावास, 5-5 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई। जुर्माना न देने पर 6 माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। न्यायाधीश ने धारा 323 और 324 के तहत वसूले जाने वाले जुर्माने को शिकायतकर्ता को देने के आदेश दिए।