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फसलें डूबी, रिहायशी मकान गिरा

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ऊना-नंगल मुख्य मार्ग पर सुबह गिरा ल्हासा - फोटो : अमर उजाला ब्यूराे
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अमर उजाला ब्यूरो

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ऊना। जिले में दो दिन से लगागार मूसलाधार बारिश ने जमकर कोहराम मचाया। भारी बारिश से कई क्षेत्रों में ल्हासे एवं पेड़ गिरने से भारी क्षति हुई।

ऊना-नंगल मुख्य मार्ग पर सुबह के समय ल्हासा गिरने से कुछ समय के लिए यातायात ठप रहा। जेसीबी से सड़क से मलवा हटाकर यातायात व्यवस्था बहाल की गई। हरोली विस क्षेत्र के भदसाली गांव में डंगा गिरने से डंगे के पास बने घरों को खतरा पैदा हो गया। अंब उपमंडल के मंधोली में भारी बारिश के चलते रिहायशी मकान भी गिर गया है। जिले में 24 घंटों के दौरान 91 मिली मीटर बारिश दर्ज की गई है।

भारी बारिश के चलते खेतों में पानी भरने के कारण फसलों को काफी नुकसान हुआ है। मक्की की कटी फसलें मिट्टी में मिल गई हैं। हाल ही में बोई गई आलू और गोभी समेत कई नकदी फसलों को हानि पहुंची है। इससे किसानों की मुसीबतें बढ़ गई हैं। लगातार बारिश से स्वां नदी सहित जिला की अन्य खड्डों का भी जल स्तर बढ़ गया है। भारी बारिश ने लोगों की मुसीबतों बढ़ा दी हैं।
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उपतहसील जोल की ग्राम पंचायत टकोली में बारिश से स्लेटपोश मकान धंस गई। मकान धंसने से पीड़ित बलबीत सिंह निवासी टकोली करीब 50 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं गगरेट के वार्ड नंबर चार में रविवार सुबह एक पेड़ बारिश के कारण जड़ से उखड़ गया। गनीमत रही कि यह भारी भरकम पेड़ रिहायशी मकानों पर नहीं गिरा, नहीं तो कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी। इसके अलावा गगरेट बाजार में दुकानों में पानी भरने से दुकानदारों को भी नुकसान हुआ है।
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किसान बोले, मेहनत का फिरा पानी
जोल (ऊना)। उपतहसील जोल में दो दिन से भारी बारिश के चलते मक्की की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों किशन चंद, मदन लाल, रमेश चंद, सुरजीत सिंह, सुरेंद्र कुमार, बंता राम, नरेश कुमार ने बताया के बेमौसमी बरसात ने किसानों की फसलों को बर्बाद कर दिया। फसल को प्राकृतिक के हाथों बर्बाद होते बेबस और असहाय महसूस कर रहे हैं। किसान किशन चंद ने बताया के 2 महीने से रात-दिन एक करके बंदरों और सुअरों से फसलों को बचाया। लेकिन बेमौसमी बरसात ने कटी फसल को काफी नुकसान पहुंचाया। किशन चंद ने बताया के उन्होंने 20 कनाल में मक्की की फसल की बिजाई की थी। मक्की की फसल से किसान के लिए अनाज और पशुओं के लिए चारा हो जाता था। जो बारिश ने बर्बाद कर दिया है।

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