ऊना।
ग्रामीण डाक कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रही। इस दौरान ग्रामीण डाकघरों में कोई कामकाज नहीं हो सका। मुख्य डाकघर में एकत्र ग्रामीण डाक कर्मियों ने पोस्टल बोर्ड मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए अपना रोष प्रकट किया। ग्रामीण डाक कर्मचारियों ने केंद्र की मौजूदा भाजपा सरकार से कड़ी नाराजगी जाहिर कर कहा कि उन्होंने यूपीए सरकार के समय भाजपा से उम्मीद लगाई थी लेकिन यह साबित हो गया है कि भाजपा और कांग्रेस की नीतियों में कोई अंतर नहीं है।
जीडीएस यूनियन के परिमंडलीय सचिव दाता राम चंदेल ने कहा कि न तो भाजपा के सांसद और न ही कांग्रेस पार्टी के सांसद देश भर के 2 लाख 70 हजार ग्रामीण डाक कर्मियों से हो रहे अन्याय के खिलाफ मुंह खोल रहे हैं। इससे साफ है कि भाजपा व कांग्रेस दोनों ही देश की प्रमुख पार्टियों का सत्ता में आने का मैच पूरी तरह से फिक्स है। दाताराम ने कहा कि कमलेशचंद्र कमेटी की रिपोर्ट नवंबर 2016 को सौंपी गई जिसे आज दिन तक लागू ही नहीं किया गया।
जब सांसदों के वेतन भत्तों को बढ़ाने की बात आती है, तो दो मिनट में अरबों का बोझ देश की जनता पर लाद दिया जाता है। बुधवार को दाता राम चंदेल, बलवीर सिंह, रामकुमार, बचित्र सिंह, बलजीत सिंह, नितिश धीमान, रामकुमार, रामदास, राकेश कुमार, मोहन लाल, शिव कुमार, गगनदीप, राजाराम, सुदेश कुमारी, अमरजीत कौर, सरोज कुमारी, गुरमीत कौर, अवतार सिंह, जरनैल सिंह, रामलाल, गुरमुख सिंह, दर्शनादेवी, शशि शर्मा, दलीप कुमार, सुनील दत्त, वीरेंद्र कुमार, किशनचंद, गुरदयाल सिंह, रविदत्त, प्रमोद सिंह, चंदन, सुरेश, जगदीश, रविंद्र, रविकुमार, सुषमा, निर्मला, पूजा, मीनाक्षी, मिलाप सिंह, रमेशचंद, बृजेशबाला, तिलकराज, शंभूनाथ, मूलराज आदि हड़ताल पर रहे।