अमर उजाला ब्यूरो
ऊना।
जिला में मौसम के बदलते मिजाज ने लोगों को अपनी जकड़ में लेना शुरू कर दिया। बदलते मौसम से हर आयु वर्ग के लोगों के स्वास्थ्य पर भारी पड़ने लगी है। गला खराब, खांसी, बुखार, टायफाइड जैसी गंभीर बीमारियों ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। छोटे बच्चों में भी बुखार की शिकायतें बढ़ रही हैं। क्षेत्रीय अस्पताल में रोज मरीजों का तांता लगना शुरू हो गया है।
यहां पर आसपास के कई ग्रामीणों क्षेत्रों के लोग अपना इलाज करवाने पहुंच रहे हैं। अस्पताल में आने वाले मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा होता जा रहा है। जिला के अन्य चिकित्सा केंद्रों में मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। चिकित्सकों की मानें तो बदलते मौसम में सावधानी न बरती गई तो मुसीबत में डाल सकता है। क्षेत्रीय अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रकाश दड़ोच ने बताया कि क्षेत्रीय अस्पताल में ही रोजाना बुखार, गला खराब, टायफायड और खांसी के लगभग 70 से 80 मरीज पहुंच रहे हैं। उन्होंनेे बताया कि यहां पर आने वाले मरीजों में लगभग 25 प्रतिशत मरीज टायफायड, बुखार और लगभग 25 प्रतिशत मरीज खराब गला और खांसी की चपेट में आए होते हैं।
चिकित्सकों ने लोगों को बदलते मौसम में एहतियात बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि ठंड के चलते गर्म कपड़े पहनें। उन्होंने कहा कि इन दिनों सुबह एवं शाम को चलने वाली ठंडी हवाएं जुकाम जैसे कई रोगों को जन्म देती हैं। उन्होंने बताया कि इस तरह की शिकायत पर तुरंत चिकित्सक की सलाह लें। उन्होंने छोटे बच्चों को विशेष रूप से सर्दी से बचाए रखने की हिदायतें दी हैं।