अंब/ऊना।
भारतीय समाज में लैंगिक असमानता का मूल कारण इसकी पितृसत्तात्मक व्यवस्था है। पितृ सत्तात्मकता सामाजिक संरचना की ऐसी प्रक्रिया और व्यवस्था है, जिसमें आदमी औरत पर अपना प्रभुत्व जमाता है। उसका दमन करता है और उसका शोषण करता है। हमें इस अवधारणा से बाहर निकलना होगा।
अमर उजाला की ओर से महिला सशक्तीकरण को लेकर संचालित अभियान अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स में एसएचओ अंब गौरव चौधरी ने यह विचार रखे। बुधवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला अंब में अपराजिता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें करीब सवा सौ छात्राओं को विभिन्न विषयों पर जागरूक किया गया। एसएचओ गौरव चौधरी ने कहा कि पुरुष और स्त्री में भेद पुरानी बात हो चुकी है। बेटियों को अपनी सोच बदलने की जरूरत है, वे किसी से कम नहीं हैं। हिंसा की स्थिति में उसी वक्त प्रत्युत्तर दें, तभी हिंसा रुकेगी। उन्होंने छात्राओं को जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान छात्राओं ने जिज्ञासापूर्ण सवाल पूछे। इनके अतिथियों ने जवाब भी दिए। इस मौके पर प्रधानाचार्या बिंदू बाला तथा वरिष्ठ प्रवक्ता विनोद बन्याल ने भी विद्यार्थियों को जागरूक किया।
आहार संतुलित तो शरीर स्वस्थ : राजेश शर्मा
कार्यक्रम में बतौर हेल्थ एक्सपर्ट पहुंचे हेल्थ एजुकेटर राजेश शर्मा ने छात्राओं को संतुलित आहार लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि अगर हमारा आहार संतुलित होगा तो हमारा शरीर स्वस्थ रहेगा। स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मन वास करता है। उन्होंने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम तथा अन्य योजनाओं पर छात्राओं को जागरूक किया।
आपातकाल में कैसे करें पुलिस से संपर्क : सरिता
सातवीं कक्षा की छात्रा सरिता ने पूछा कि आपातकालीन स्थिति में पुलिस से कैसे और कहां संपर्क किया जा सकता है। एसएचओ गौरव चौधरी ने छात्राओं को शक्ति एप की जानकारी देने के अलावा जिला पुलिस के नंबर 70189955900 व 901 से लेकर 909 तक संपर्क करने की सलाह दी।
महिलाओं में हिम्मत की कमी : प्रीति
नौवीं की प्रीति ने कहा कि अपने खिलाफ हुए अत्याचार को लेकर महिलाएं थाने तक तो पहुंच जाती हैं, लेकिन बोलने की हिम्मत नहीं कर पातीं। एसएचओ ने कहा कि महिलाओं का डर खत्म करने के लिए ही अपराजिता जैसे अभियान चलाए जा रहे हैं।
सास बिना दहेज के घर में न घुसने दे तो : रूपाली
नौवीं की छात्रा रूपाली ने सहज भाव से पूछा कि अगर कोई सास दहेज के बिना बहू को घर में न घुसने दे तो क्या करें। एसएचओ गौरव चौधरी ने कहा कि पहले तो खुद को इतना सक्षम बनाओ कि कोई दहेज मांग ही न सके। उसके बावजूद कोई तंग करता है तो पुलिस से बेझिझक शिकायत करें।
संतुलित भोजन क्या है : कविता
आठवीं की छात्रा कविता ने पूछा कि संतुलित भोजना क्या है। हेल्थ एजुकेटर राजेश शर्मा ने कहा कि जिस भोजन में प्रचुर मात्रा में प्रोटीन के अलावा फैट और पर्याप्त कार्बोहाड्रेट हो वही संतुलित भोजन है।