ऊना। शहर की फ्रेंड्स कॉलोनी सहित अन्य कस्बों में लोग मटमैला पानी पीने को मजबूर हैं। करीब एक माह से नलों में मटमैला पानी आ रहा है। इससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
नलों से पानी भरते ही बाल्टियों की सतह पर चिकनी मिट्टी जम रही है। पानी पीने के योग्य नहीं है। इसके बावजूद लोग मजबूरी में पानी पी रहे हैं। इससे जल जनित बीमारियां फैलने का भय पैदा हो गया है। इसके बावजूद आईपीएच विभाग समस्या पर संजीदा नहीं लग रहा है। इससे लोगों में आईपीएच विभाग के प्रति कड़ा रोष व्याप्त है। लोगों का आरोप है कि कई दिनों से कॉलोनी में मटमैला पानी आ रहा है लेकिन आईपीएच कर्मचारियों ने इस बारे में सुध नहीं ली। पानी इतना गंदला है कि इसे पीने से लोग किसी भी वक्त गंभीर बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं। वहीं रोजाना पेयजल सप्लाई पर अनिश्चितता बनी रहती है। पानी आएगा या नहीं, कोई नहीं जानता और अगर आएगा तो कब तक यह भी रामभरोसे। बिना पूर्व सूचना के ही पानी की सप्लाई बंद कर दी जाती है। इससे लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है।
लोगों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों में मुध गुप्ता, राकेश, सन्नी, शैली, बलजीत, सुदेश, अभी, अंजलि अशोक, सापेक्ष ने मांग की कि स्वच्छ पेयजल आपूर्ति नियमित की जाए। इससे लोगों को परेशानियों का सामना न करना पड़े। लोगों ने कहा कि पेयजल आपूर्ति बाधित होने की सूरत में विभाग को अग्रिम सूचना देनी चाहिए। इस बारे में आईपीएच विभाग के एक्सईएन नरेश धीमान का कहना है कि समस्या उनके ध्यान में है। तकनीकी कारणों से ऐसी दिक्कत आई है। उन्होंने कहा कि लोगों की समस्या को जल्द हल किया जाएगा।