मैहतपुर (ऊना)।
सूबे के सरकारी कर्मचारियों व पेेंशनभोगियों को मिलने वाला दो फीसदी डीए कब तक मिलेगा, इसकी किसी को कोई खबर नहीं है। राज्य सरकार ने बकाया दो फीसदी डीए किस ठंडे बस्ते में डाल रखा है, कोई नहीं जानता। उच्च शिक्षा प्राप्त अध्यापक संघ के पूर्व जिला अध्यक्ष जगमोहन खुल्लर और महासचिव कृष्णदेव शर्मा ने जारी बयान में कहा कि केंद्रीय कर्मियों को सातवें वेतन आयोग के लागू होने के साथ ही डीए मर्ज कर दिया गया है लेकिन कर्मचारियों व पेंशनभोगियों को अभी भी पुराने पे स्केल पर ही डीए मिल रहा है।
लिहाजा जनवरी 2016 से आज तक की गणना करें तो सूबे के कर्मचारियों व पेंशनभोगियों को दो फीसदी डीए नहीं दिया गया है। महासचिव कृष्णदेव शर्मा के मुताबिक, जनवरी 2016 में डीए 125 फीसदी था, जुलाई 2016 में सात फीसदी डीए देय हुआ जो बढ़कर 132 फीसदी हो गया। राज्य सरकार ने पांच फीसदी का भुगतान किया जबकि यह सात फीसदी था। जनवरी 2017 में चार फीसदी डीए फिर लागू हुआ जो बढ़कर 136 फीसदी होना चाहिए था।
हालांकि इस चार फीसदी का भुगतान कर दिया गया। जुलाई 2017 में तीन फीसदी डीए लगाया गया जिसे बढ़कर 139 फीसदी होना था लेकिन इसे 137 फीसदी बताया गया। पूर्व कर्मचारी नेताओं ने कहा कि राज्य सरकार ने आज दिन तक बकाया दो फीसदी डीए का भुगतान किस ठंडे बस्ते में डाल रखा है, किसी को मालूम नहीं। इन्होंने मांग उठाई कि कर्मचारियों, पेंशनरों के बकाया दो फीसदी डीए का जल्द भुगतान किया जाए।