शशिभूषण पुरोहित
ऊना।
74 फीसदी मतदान करने वाले ऊना जिला में 12 ऐसे संवेदनशील बूथ चिन्हित किए गए हैं जहां पुुरुष और महिला मतदाताओं ने पिछले आम विधानसभा चुनाव में मतदान को लेकर खास उत्साह नहीं दिखाया है। इस बार 90 फीसदी मतदान का लक्ष्य लेकर चल रहे जिला निर्वाचन विभाग के समक्ष इन बूथों पर मतदाताओं को नौ नवंबर को मतदान के लिए बाहर निकालना बड़ी चुनौती है।
चुनाव विभाग ने इस चुनौती से निपटने की पूरी तैयारी कर ली है। बाकायदा जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त इन बूथों का खुद दौरा करेंगे। जिला निर्वाचन विभाग की ओर से चिंतपूर्णी के बेेहड़ां, गगरेट के चलेट, हरोली के रोड़ा बालीवाल, ऊना सदर के झुड़ोवाल और कुटलैहड़ विस के कोट को ऐसे संवेदनशील बूथों में चिन्हित किया गया है जहां पुरुष मतदाताओं की उपस्थित उत्साहजनक नहीं रही है। इन पांचों पोलिंग स्टेशन पर क्रमश: 50.41, 60.81, 51.69, 54.72, 50.47 फीसदी पुरुषों ने पिछली मर्तबा अपने मत का प्रयोग किया।
वहीं जिला के कुछ छह पोलिंग स्टेशन पर महिला वोटरों की जनसंख्या भी चिंताजनक है। इनमें क्रमश: चिंतपूर्णी का छपरोह 53.26 प्रतिशत, गगरेट का अंदौरा 60, हरोली का गोंदपुर बुला 67.73, ऊना का टब्बा 62.15 और कुटलैहड़ का कुरियाला 63.19 प्रतिशत शामिल है। कम मतदान की दृष्टि से निर्वाचन विभाग ने इन बूथों को संवेदनशील की श्रेणी में रखा है। यहां पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से जागरूकता फैलाई जा रही है।
खुद करूंगा बूथों का दौरा : लाबरू
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त विकास लाबरू ने कहा कि इन 12 बूथों पर मतदाताओं का उत्साह बढ़ाने के लिए वह खुद दो दिन के भीतर दौरा करेंगे। उन्होंने कहा कि इस बार पुराने मिथक टूटेंगे और ऊना में रिकार्ड मतदान करवाया जाएगा। उपायुक्त ने कहा कि जिला निर्वाचन विभाग ने इस बार 90 फीसदी मतदान का लक्ष्य रखा है। उन्होंने जिला के मतदाताओं से लोकतंत्र के इस यज्ञ में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है।