अमर उजाला ब्यूरो
ऊना। सीमांत जिला ऊना एकाएक शीत लहर की चपेट में आ गया है। जिले में सुबह-शाम ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। इसके चलते खासकर नौनिहालों और बुजुर्गों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्कूल जाने वाले बच्चों में सर्दी का प्रकोप ज्यादा है।
बदलते मौसम में चिकित्सकों ने एहतियात बरतने की सलाह दी है। मंगलवार को ऊना जिला का अधिकतम पारा 26 डिग्री सेल्सियस जबकि न्यूनतम 13 डिग्री दर्ज किया गया। इस दौरान दिन भर बादल छाए रहे। लोगों ने ठंड से बचने के लिए गर्म ऊनी वस्त्र निकाल लिए हैं। बाजारों में थर्मल आदि वस्त्रों की डिमांड भी बढ़ गई है।
गनीमत है कि अभी तक जिला में कोहरे का कहर नहीं पड़ा है। अन्यथा ठंड का प्रकोप और भी बढ़ सकता है। शहर के वार्ड नंबर 9 निवासी चंद्रेश कुमारी, वृंदा कुमारी, मोनिका, सोनिया, पूजा, रचना, अविनाश, संजीव तथा सतवीर ने बताया कि सुबह के समय कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इससे बच्चों को स्कूल के लिए तैयार करने में दिक्कतें पेश आ रही है। उन्होंने बताया कि ठंड की वजह से बच्चे सर्दी-जुकाम की चपेट में आने लगे हैं। उधर चिकित्सकों ने खासकर शिशुओं को ठंड से बचाने की हिदायत दी है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. निखिल के मुताबिक बदलते मौसम में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। लिहाजा ठंड से बचाव जरूरी है। उन्होंने कहा कि शुरूआती ठंड को हल्के में बिल्कुल न लें। सुबह-शाम के समय सैर करते समय गर्म कपड़े पहनें। सर्दी जुकाम और खांसी की शिकायत पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवाएं।