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जिला में दूसरे दिन भी ठप रही बस सेवाएं

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जिले में निजी बसों के रूटों पर सेवाएं ठप - फोटो : अमर उजाला ब्यूराे
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अमर उजाला ब्यूरो

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ऊना/गगरेट/दौलतपुर चौक (ऊना)। जिलाभर में निजी बस ऑपरेटर्स दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। मंगलवार को लगातार दूसरे दिन निजी बसों की हड़ताल के चलते लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ऊना समेत मैहतपुर, अजौली, संतोषगढ़ नगर में भी लोगों को निजी बसों की हड़ताल के चलते परेशानियों का सामना करना पड़ा।

निजी बस ऑपरेटर्स की हड़ताल के चलते कर्मचारियों को भी लिफ्ट लेकर दफ्तरों में पहुंचना पड़ा। दौलतपुर चौक में भी निजी बस ऑपरेटर्स हड़ताल पर रहे। इससे स्कूल/कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों को परेशानी झेलनी पड़ी। कई गांवों में सरकारी बस सेवा न होने की वजह से विद्यार्थी शैक्षणिक संस्थानों में जाने से वंचित रह गए। कई विद्यार्थी पैदल ही सफर करते नजर आए।
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बस स्टैंड दौलतपुर चौक पर मंगलवार को निजी बसें खड़ी रहने का फायदा ऑटोरिक्शा और टैक्सी वालों ने उठाया। दौलतपुर चौक और आसपास के गांवों में सरकारी बसों का आवागमन कम होने से लोगों को मजबूरन टैक्सियों में सफर करना पड़ा। स्थानीय निवासी अशोक कुमार, राकेश शर्मा, लवली, शिव प्रसाद, महेश, विकास ने बताया कि निजी बसों की लगातार दूसरे दिन हड़ताल के चलते आमजन को परेशानी हुई। उन्होंने प्रशासन से मांग की ऐसे समय पर अतिरिक्त वाहन उपलब्ध करवाए जाने चाहिए, क्योंकि बसों में सफर आम आदमी करता हैं न कि अमीर।

गगरेट में पेट्रोल-डीजल के बढ़ते हुए दामों को लेकर निजी बस ऑपरेटर्स हड़ताल पर रहे। बस ऑपरेटरों राज कुमार शर्मा, ठाकुर प्रेम सिंह, सुनील शर्मा, रवि दत्त का कहना है कि पेट्रोलियम पदार्थों के दाम आसमान को छू रहे हैं। इसका आम आदमी की जेब पर भारी प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि डीजल-पेट्रोल के दामों में प्रतिदिन हो रही वृद्धि से बसों को पुराने किरायों पर चलाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने सरकार से मांग की कि बसों के किरायों में भी वृद्धि की जाए।
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गौरतलब है कि बस किराए बढ़ाने को लेकर प्रदेश सरकार ने आश्वासन दिया था। निजी बस ऑपरेटर की हड़ताल के चलते स्कूल कॉलेज में जाने वाले विद्यार्थियों के साथ-साथ रोजमर्रा के सामान के लिए आने वाले लोग व सरकारी दफ्तरों के कार्यरत कर्मचारियों को भी सरकारी बसों में बैठने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ी। वहीं बसों की हड़ताल के चलते निजी बस ऑपरेटर ने अपनी बसों को गगरेट बस अड्डे, अपने घरों सहित अन्य पार्किंग स्थलों पर खड़ा रखा। चालक-परिचालक भी काम न होने से परेशान नजर आए।

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