गगरेट (ऊना)। श्रावण माह यानी शिव भक्ति का महीना। हिंदू मान्यताओं के अनुसार सावन माह भगवान भोले की आराधना का महीना कहा जाता है जो इस संक्रांति से शुरू हो कर अगले माह की संक्रांति तक चलेगा। सोमवार से शिव भक्तों की टोलियां भगवान शिव के मंदिरों पर जुटनी शुरू हो जाएंगी तथा सभी शिवालयों पर समूचे माह बम-बम भोले के जयकारे गूंजेंगे। जिला ऊना के गगरेट क्षेत्र में शिवालिक की पहाड़ियों के बीच घने जंगल में बसे प्राचीन द्रोण शिव मंदिर शिव भक्तों की धार्मिक आस्था का बहुत बड़ा केंद्र है। वैसे तो पूरा वर्ष इस मंदिर में दूर दराज से शिव भक्त शीश नवा कर अपनी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। लेकिन, सावन माह में यहां विराजमान अद्भुत शिव पिंडी अपनी अलौकिक आभा बिखेरते हुए अपने भक्तों को प्रभावित करती हैं। श्रावण माह में सुबह से ही यहां शिव भक्तों की कतारें लगनी शुरू हो जाती हैं तथा यह सिलसिला पूरा दिन चलता रहता है। शिव भक्तों में विकास शर्मा, संजीव पाराशर, प्रणव शर्मा, उदय, अपूर्व, धैर्य, तुषार शर्मा, दिनेश शर्मा, पंकज, इंद्रजीत, हनी पुरी, नरेंद्र पाराशर आदि के अनुसार वैसे तो शिवबाड़ी परिसर में वे महादेव का आशीर्वाद पूरा वर्ष प्राप्त करते हैं, लेकिन सावन माह का पौराणिक मान्यताओं के अनुसार एक अलग ही महत्व है। इस माह भगवान शिवलिंग पर दूध, जल, बिलपत्र और धतूरे का अभिषेक कर भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त की जा सकती है। उधर, शिवबाड़ी मंदिर के मुख्य पुजारियों अजय शर्मा और अश्वनी शर्मा के अनुसार सावन माह के लिए मंदिर पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने यहां आने वाले शिवभक्तों से अपील करते हुए कहा कि मंदिर में भगवान शिव की उपासना के समय शांति बनाए रखें और सफाई व्यवस्था का उचित ध्यान भी रखें।