फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बती गुल होते ही खतरे में पड़ जाती है जान

विज्ञापन
विज्ञापन
बत्ती गुल होते ही खतरे में पड़ रही जान
विज्ञापन

ऊना अस्पताल के डायलिसिस केंद्र में किडनी रोगियों की जिंदगी से खिलवाड़
जेनरेटर और एसी न होने से किडनी के रोगी हो रहे बेहाल
अमन वर्मा
ऊना।
बत्ती गुल होते ही डायलिसिस करवा रहे रोगियों की जान पर बन आती है। ऊना अस्पताल में डायलिसिस केंद्र में जब बत्ती गुल होती है तो डायलिसिस मशीनें भी काम करना बंद कर देती हैं। सरकार ने लाखों की लागत से ऊना अस्पताल में हाईटेक मशीनें लगाकर डायलिसिस सुविधा तो शुरू करवाई लेकिन इसे जेनरेटर और एसी सुविधा मुहैया करवाना मुनासिब नहीं समझा। हालांकि ऊना अस्पताल में बड़े अफसरों और बाबुओं के कमरों में एसी लगे हैं। यहां तक कि बिजली जाने पर भी एसी अपना काम करना नहीं छोड़ते। हालांकि किडनी के रोग का इलाज करवाने पहुंचे रोगियों के लिए अस्पताल प्रशासन लापरवाही बरत रहा है। लगता है मानों अस्पताल प्रशासन किडनी रोगियों की जिंदगी से खेल रहा है। किडनी रोगियों को अन्य भी कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है जिन्हें दूर करने की अस्पताल प्रशासन को फिक्र नहीं दिखती।
सीएमओ डॉ. प्रकाश दड़ोच का कहना है कि मामला उनके ध्यान में आया है। उन्होंने कहा कि डायलिसिस केंद्र का अनुबंध करने कंपनी को डायलिसिस केंद्र में जेनरेटर लगाने के लिए लिखा है। सीएमओ ने कहा कि यदि कंपनी के अधिकारी समय अनुसार डायलिसिस केंद्र में जेनरेटर नहीं लगवाते तो कंपनी विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

डायलिसिस रोगियों को नहीं मिल रही पे स्लिप
अस्पताल में डायलिसिस करवाने आने वाले रोगियों को पे स्लिप नहीं मिल रही। इससे खासकर कर्मचारियों को दिक्कतें पेश आ रही है। रोगियों की ओर से जमा फीस का कोई रिकार्ड उनके पास नहीं है। कर्मचारियों को रिंबर्समेंट के लिए दिक्कतें पेश आ रही हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें