मैहतपुर (ऊना)।
प्रथम भारतीय आरक्षित वाहनी बनगढ़ में पुलिस अधिकारियों, जवानों और उनके परिजनों ने डीजे पर नाच-गा कर लोहड़ी और मकर संक्रांति पर्व हर्षोल्लास से मनाया गया। वाहिनी के समादेशक एसआर राणा ने विधिवत पूजा-अर्चना की। आग जलाकर उसमें तिल, मूंगफली, खील, रेवड़ी और मक्की के दानों की आहुति डाली।
समादेशक एसआर राणा ने कहा कि यह दिन सर्दी के जाने और बसंत ऋतु के आगमन का संकेत है। कहा कि पारंपरिक तौर पर यह पर्व फसल की बुआई से भी जुड़ा है। देश में लोगों को आपस में मिल बैठकर त्यौहार को नाच गाकर मनाने की परंपरा रही है। सर्दी बहुत अधिक होने से लोग एक-दूसरे को गर्म चीजों खाने को बांटते हैं।
इससे आपसी स्नेह, भाईचारा, अमीर-गरीब तथा जाति-पाति का भेदभाव खत्म होता है। राणा ने कहा कि इस पर्व के महत्व को समझेंगे और मनाएंगे, तभी अगली पीढ़ी त्यौहारों को ऐसे मनाएगी अन्यथा हमारी संस्कृति लुप्त हो जाएगी। पुलिस जवानों ने अपने घर से दूर ड्यूटी पर रहते हुए पर्व मनाया। नाटी डाली और भंगडा किया।
इस मौके पर उप समादेशक विनोद धीमान, शमशेर सिंह, सहायक समादेशक नरेश कुमार, उपनिरीक्षक रमेश कुमार, अशोक कुमार, मुख्य आरक्षी दिलदार सिंह, देवेंद्र सिंह, योगेश, शमशेर, घनश्याम, महिला आरक्षी अनीता, पूजा, निशा आदि मौजूद रहे।