ऊना/लठियाणी/बंगाणा/हरोली। बारिश से जिला में तीन महकमों के करीब 50 करोड़ बह गए हैं। तीन दिन लगातार बारिश से जिले में आईपीएच, विद्युत बोर्ड तथा लोनिवि को करीब 50 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ है। बारिश से सड़कें और पुलिया बहने से लोनिवि को 46.83 करोड़ का नुकसान हुआ है। वहीं आईपीएच विभाग की 73 वाटर सप्लाई, 37 ईरीगेशन तथा तीन सीवरेज स्कीमें प्रभावित हुई हैं। आईपीएच विभाग को 22 से 24 सितंबर तक चार करोड़ 13 लाख रुपये के करीब नुक्सान हुआ है। वहीं विद्युुत बोर्ड को बारिशों से जिला भर बिजली के पोल टूटने और ट्रांसफार्मर जलने से करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है।
बारिश से भूस्खलन होने और सड़कों पर पेड़ गिरने जिले में करीब 45 सड़कें अवरुद्ध रहीं। सोमवार देर रात 12:30 बजे के करीब लठियाणी-भोटा नेशनल हाईवे भूस्खलन से यातायात पूरी तरह से ठप हो गया। मंगलवार सुबह होने तक खूनी मोड़ से लेकर कैहलवीं तक लगभग आठ किलो मीटर के दायरे तक गाड़ियों की लंबी कतारें लगी हुई थीं। मामले की सूचना मिलते ही मंगलवार सुबह उपायुक्त राकेश कुमार प्रजापति और एसपी दिवाकर शर्मा ने लठियाणी-बड़सर के बीच बंद हुए नेशनल हाईवे का जायजा लिया।
हमीरपुर-ऊना के बार्डर से लठियाणी विलग्रांव तक हर 30 से 40 मीटर के दायरे में भारी भूस्खलन हुआ है। प्रशासन ने जेसीबी लगाकर नेशनल हाईवे पर यातायात की आवाजाही को सुचारू रूप से चलाने का काम जारी करवा दिया। मूसलाधार बारिश का असर उपमंडल बंगाणा के संपर्क और राज्य मार्गों पर भी दिखा। बंगाणा से शांतला, बंगाण से पिपलू, पिपलू से भियांबी, नलबाड़ी से तलमेहड़ा, लठियाणी से कोहडरा तथा बंगाणा से ऊना हाईवे पर भी भूस्खलन होने से सड़क मार्ग काफी समय तक अवरुद्ध रहे।
उपायुक्त राकेश कुमार प्रजापति ने बताया कि 18 घंटे से बड़सर-लठियाणी नेशनल हाईवे को खोलने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिला ऊना और उपमंडल बंगाणा प्रशासन ने जाम में फंसे लोगों को पीने के पानी, बिस्कुट तथा बच्चों के लिए खाने की अन्य सामग्री का भी प्रबंध किया। इसके अलावा घंडावल में बारिश का पानी घुसने से लोगों को काफी नुकसान हुआ है। त्यूड़ी स्कूल में बारिश से स्कूल के साथ लगती पहाड़ी विद्यालय की दीवार तथा छत पर आ गिरी। इस पहाड़ी का काफी हिस्सा स्कूल परिसर में गिर गया है। स्कूल में ल्हासा गिरने से पौधों के साथ विज्ञान पार्क का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। विद्यालय के पीछे हिस्से से पहाड़ी दरकने से खिड़कियों तक मलबा पहुंच गया है।
दौलतपुर चौक के नंगल जरियाला के मोहल्ला शिवाली में नंगल जरियाला जमकर कहर बरपाया है। ग्राम पंचायत उपप्रधान कैप्टन सुशील जरियाल ने बताया की मोहल्ला शिवाली को जाने वाला रास्ता शिव कुमार के घर के पास डंगा गिर जाने से पूरी तरह बंद हो गया है। इससे लोगों को आने-जाने में दिक्कत हो रही है। इसके अलावा इसी मोहल्ला की विधवा विमला देवी की रसोई गिर गई है। सुखदेव सिंह के मकान का डंगा गिर गया है। इससे उनके मकान को खतरा हो गया है। कैप्टन सुशील ने बताया कि मेहर चंद के मकान के साथ लगता डंगा भी गिर गया है। इससे उनके घर को भी खतरा पैदा हो गया है। विनय कुमार पुत्र महेंद्र सिंह की पशुशाला गिर गई है। जीवन कुमार पुत्र परषोत्तम सिंह के मकान का डंगा भी गिर गया है। वासदेव के मकान में दरारें आई हैं। शिवाली मोहल्ला पहाड़ी पर स्थित होने की वजह से यहां काफी नुकसान हुआ है।
ऊना-होशियारपुर सड़क धंसने पर यातायात बाधित रहा। मंगलवार को बारिश रुकने के बाद जब ट्रैफिक सुचारू होने लगा तब उसके लिए वनखंडी के पहाड़ी क्षेत्र का रास्ता बाधा बन गया। इसका कारण बारिश के कारण सड़क किनारे पहाड़ी की मिट्टी पेड़ों सहित सड़क पर फैल गई। वही पहाड़ी क्षेत्र में सड़क के दोनों ओर लगे डंगों में से एक तरफ का डंगा ढह गया। इसके चलते वाहनों की आवाजाही रुक गई। मात्र दोपहिया वाहन ही बड़ी मुश्किलों से निकल पाए। मामले की सूचना मिलते ही उपायुक्त राकेश कुमार प्रजापति, एसपी दिवाकर शर्मा, एसडीएम गौरव चौधरी वनखंडी के पहाड़ी क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने अधिकारियों से इसे जल्द सुचारू करने के निर्देश दिए।
एनएच के एसडीओ आरके शर्मा ने बताया कि वनखंडी में डंगा गिरने से रास्ता बंद करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि 15 से 20 दिनों तक ट्रैफिक सुचारू होने की संभावना है।