सामाजिक बुराइयों का करें विरोध : लाबरू
जिला सामाजिक न्याय दिवस पर बोले डीसी, दलितों के ही नहीं सभी के मसीहा थे आंबेडकर
बाबा साहेब के सपनों को साकार करने की ली शपथ
अमर उजाला ब्यूरो
ऊना।
उपायुक्त विकास लाबरू ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर का सपना था कि शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो। उन्होंने कहा कि बाबा भीमराव आंबेडकर ने संविधान की रचना करते समय चिंता प्रकट की थी कि यह संविधान कैसे चलेगा, लेकिन इस बात की प्रसन्नता है कि संविधान को लोकतांत्रिक प्रणाली में राजनैतिक व्यवस्था ने सुचारू रूप से चलाया। उपायुक्त शनिवार को जिला परिषद सभागार ऊना में जिला स्तरीय सामाजिक न्याय दिवस पर बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर केवल दलितों के ही नहीं लेकिन सभी वर्गों के मसीहा थे। उन्होंने समाज से जातिप्रथा और छुआछूत के विरुद्ध के लंबा संघर्ष किया। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से धर्म व जाति से ऊपर उठकर व्याप्त सामाजिक बुराइयों का डटकर विरोध करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भीमराव अंबेडकर की 127वीं जयंती को उनके जन्मदिवस से पांच मई तक ग्राम स्वराज अभियान के रूप में मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि भीमराव आंबेडकर सामाजिक समरसता चाहते थे। इस अवसर पर डीसी ने बाबा भीमराव आंबेडकर के सपनों को साकार करने की शपथ भी दिलाई। इससे पहले अतिरिक्त उपायुक्त कृतिका कुलहरी ने कहा कि हम सौभाग्यशाली हैं कि बाबा साहेब के बनाए संविधान से उन्हें अधिकारों के लिए ज्यादा संघर्ष नहीं करना पड़ा। जिला कल्याण अधिकारी सुरेश शर्मा ने उपायुक्त तथा अन्यों का स्वागत कर जन कल्याणकारी नीतियों और कार्यक्रमों की जानकारी दी।
इस कार्यक्रम में डिग्री कॉलेज ऊना के प्रवक्ता बलविंद्र सिंह, रावमापा (कन्या) ऊना की प्रवक्ता आशा धीमान सहित छात्र-छात्राओं साक्षी, सान्या, बबीता, गुरदीप चौधरी, रितिक तथा डाइट देहलां की कविता ठाकुर व परविंद्र कौर ने डॉ. भीमराव आंबेडकर की जीवनी पर विचार रखे। इस अवसर पर उपनिदेशक एवं परियोजना अधिकारी डीआरडीए राजेंद्र गौतम, जिला कार्यक्रम अधिकारी आईसीडीएस सतनाम सिंह, जिला पंचायत अधिकारी रमण कुमार शर्मा, प्रधानाचार्य डाइट देहलां कमलदीप सिंह उपस्थित थे।