अंब (ऊना)।
उपमंडल अंब को अभी तक नगर पंचायत का दर्जा नहीं मिल पाया है। उपमंडल मुख्यालय होने के बावजूद अंब एक ग्राम पंचायत ही है। अंब में आधुनिक बस अड्डा, पार्किंग, स्ट्रीट लाइट और सीवरेज जैसी सुविधाएं महज लुभावने वाले नारों तक सिमट कर रह गई हैं। किसी भी राजनीतिक दल की सरकार ने सुविधाओं के नाम पर जनता से वोट तो बटोरे लेकिन इन वादों पर पूरी तरह से नाकाम नजर आए।
अंब बस अड्डे पर प्रस्तावित आधुनिक पार्किंग के लिए कांग्रेस सरकार ने पहल तो की लेकिन विवादों के चलते मामला अदालत में होने के कारण विचाराधीन है। वहीं अंब जैसे जिला मुख्यालय के बाजार स्ट्रीट लाइट जैसी सामान्य सुविधा भी हासिल नहीं कर पाए हैं। इससे शाम ढलते ही बाजार में अंधेरा पसर जाता है। अंब चौक पर लगे टावर की रोशनी जरूर इस हिस्से में कुछ राहत देती है।
अंब मेें वर्तमान में यातायात और बस सेवाओं की संख्या देखते हुए अपेक्षाकृत बडे़ बस अड्डे और पार्किंग की दरकार है। इस दिशा में कोई भी सरकार कारगर कदम नहीं उठा पाई है। नतीजा यह है कि बस अड्डा छोटा होने से अंब बस अड्डे पर पंजाब, पठानकोट और कांगड़ा की तरफ जाने वाली बसों को अड्डे से बाहर ही सवारियां बैठानी पड़ती हैं। क्षेत्र में तेजी से हो रहे शहरी करण के बीच लोगों को सीवरेज सुविधा की कमी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों में आरपी शर्मा, अजय शर्मा, सुरेंद्र कुमार, कमलदेव शर्मा, अनिल कंग आदि का कहना है कि मूलभूत सुविधाओं के लिए अंब में किसी सरकार की तरफ से कोई प्रयास नहीं किया गया। यह जनता के लिए निराशाजनक है। अंब उपमंडल मुख्यालय होने के बावजूद आज तक पंचायत का दर्जा लिए हुए है जबकि उपमंडल स्तरीय सभी कार्यालय, कॉलेज, कोर्ट परिसर, सिविल अस्पताल अंब में है।
परिवहन मंत्री ने किया अड्डे का शिलान्यास : कुलदीप
राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष एवं विधायक कुलदीप कुमार का कहना है कि उनके कार्यकाल में अंब के जर्जर बस अड्डे पर नए सिरे से फर्श बिछाया गया है। करोड़ों रुपये की लागत से अड्डा परिसर में आधुनिक पार्किंग का शिलान्यास परिवहन मंत्री ने किया है।
कांग्रेस ने की महज वादों की राजनीति : बलवीर
भाजपा नेता एवं पूर्व विधायक बलवीर सिंह का कहना है कि कांग्रेस ने महज वादों की राजनीति की है जबकि विकास नगण्य है। जनता में कांग्रेस सरकार के विरुद्ध जबरदस्त आक्रोश है।
वादे करके वोट बटोरना भाजपा-कांग्रेस की फितरत :
बसपा प्रत्यशी रणजीत संह का कहना है कि वादे कर वोट बटोरना और सत्ता में आकर उन्हें भूल जाना कांग्रेस और भाजपा की फितरत है।