अमर उजाला ब्यूरो
ऊना। जिले में बढ़ रहे स्वाइन फ्लू के मामलों से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। स्वास्थ्य विभाग ने जिलाभर के स्वास्थ्य केंद्रों में स्वाइन फ्लू को लेकर अलर्ट जारी कर दिया है।
गौरतलब है कि वीरवार को पंजाब के मुकेरियां में शादी समारोह से लौटी दौलतपुर चौक की एक महिला को स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई थी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ऊना की टीम ने मरीज के घर तथा आसपास के घरों में दौरा कर स्वाइन फ्लू के लक्षणों का सर्वे किया। महिला के तीन वर्षीय बेटे और छह वर्षीय बेटी में सामान्य बुखार, जुकाम और खांसी जैसे लक्षण पाए गए हैं। उन्हें भी एहतियात के तौर पर दवा दी जा रही है। इसके साथ-साथ क्षेत्र में स्वाइन फ्लू के लक्षण तथा इस बीमारी से बचाव के बारे में भी जानकारी दी गई है। सीएमओ डॉ. रमन कुमार शर्मा ने स्वास्थ्य कार्यकर्ता तथा आशा वर्कर्स को निर्देश दिए कि वह प्रतिदिन क्षेत्र का दौरा करें।
जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों को सजग रहने के निर्देश दिए हैं। अगर कहीं भी स्वाइन फ्लू से पीड़ित व्यक्ति पाया जाता है तो तुरंत उच्च अधिकारियों को सूचित करें। सीएमओ ने लोगों से अपील की है कि घबराएं नहीं, स्वाइन फ्लू से का उपचार संभव है। डॉ. रमन कुमार शर्मा ने बताया कि सर्दी के मौसम में फ्लू होने का खतरा अधिक रहता है। अगर कुछ सावधानी बरती जाएं तो इस बीमारी से बचा जा सकता है। स्वाइन फ्लू एक विशेष प्रकार के इन्फ्लुन्जा-ए (एच 1 एन 1) वायरस से ग्रसित व्यक्ति के संपर्क में आने से हो सकता है। विशेष तौर पर बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, शुगर एवं दमे के मरीजों में स्वाइन फ्लू होने का खतरा ज्यादा रहता है।
स्वाइन फ्लू के लक्षण
स्वाइन फ्लू में मरीज को बुखार, खांसी, गला दुखना, नाक बहना, सिर दर्द, बदन दर्द, थकान, सांस लेने में कठिनाई, दस्त तथा उल्टियां हो सकती हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान में जाकर चिकित्सक से जांच करवाएं। स्वाइन फ्लू से बचने के लिए खांसते अथवा छींकते समय अपने मुंह एवं नाक को रुमाल से ढकें। अपनी नाक, आंखों अथवा मुंह को छूने से पहले या बाद में अपने हाथ साबुन से धोएं। अच्छी नींद लें, शारीरिक रूप से सक्रिय रहें तथा तनाव से बचें। स्वच्छ तथा अधिक मात्रा में पानी पीयें तथा पोषण युक्त भोजन का सेवन करें। खुली हवा में सांस लें तथा योग क्रिया करें।
ये रखें सावधानियां
स्वाइन फ्लू से ग्रसित व्यक्तियों से कम से कम 3 फुट की दूरी बनाए रखें। प्रभावित माताएं, बच्चों को दूध पिलाते समय मास्क का प्रयोग करें। एहतियात के तौर पर संदिग्ध/संक्रमित व्यक्ति से हाथ न मिलाएं। अत्यधिक भीड़-भाड वाले स्थानों पर न जाएं और खुले में न थूकें। डॉक्टर की सलाह के बिना कोई दवा न लें। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि स्वाइन फ्लू के टेस्ट की सुविधा आईजीएमसी शिमला, राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा तथा सीआरआई कसौली में उपलब्ध है।