गगरेट/ऊना। गगरेट के द्रोण शिव मंदिर शिवबाड़ी में श्रावण मास के सोमवार को शिव भक्तों का तांता लग गया। यहां जंगल के बीचों-बीच पांडव काल से ही स्वयंभू शिव की पवित्र पिंडी स्थापित है। अलौकिक पिंडी के दर्शन कर भक्तों ने सोमवार को शिव की आराधना की। इस प्राचीन शिव मंदिर में सुबह से ही शिव भक्तों की लंबी-लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थी।
सोमवार को समूचा शिवबाड़ी परिसर बम भोले के जयकारों से गूंज रहा था। प्राचीन आस्था के केंद्र इस शिवबाड़ी मंदिर में दूर-दूर से आने वाले शिव भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। हालांकि इस मंदिर में पूरा वर्ष ही शिव भक्तों का आना-जाना लगा रहता है। परंतु शिव के प्रिय सावन मास में शिव को जल्द प्रसन्न करने के लिए शिव भक्त दूर-दूर से आकर शिव पिंडी पर दूध, जल, बिलपत्र, भांग व धतूरा अर्पित कर मनोकामनाएं जल्द पूर्ण होने की कामना करते हैं।
मंदिर के मुख्य पुजारी अजय और अश्वनी शर्मा ने बताया कि श्रावण मास शिव का प्रिय माह है। इस माह भगवान शिव की सच्चे मन से स्तुति करने से शिव प्रसन्न हो जाते हैं। शिव भक्तों इंदर जीत डडवाल, संजीव पराशर, विकास शर्मा, प्रणव शर्मा, अभिषेक डोगरा, उदय, तुषार, अपूर्व, धैर्य, अरविंद शर्मा, सुशील ने कहा कि सावन में शिवबाड़ी में भगवान शिव की विशेष पूजा से भगवान शिव की विशेष कृपा की प्राप्ति होती है। कुटलैहड़ के सदाशिव ध्यूंसर महादेव में भी भक्तों का दिन भर तांता लगा रहा। जिला मुख्यालय के साथ लगते महादेव मंदिर तथा बनौड़े महादेव में भी शिव भक्त उमड़े। शिवालयों में भक्तों के लिए प्रसाद की भी विशेष व्यवस्था की गई थी।