ऊना। जिले में लगातार वाहनों का दवाब बढ़ता जा रहा है, लेकिन पुलिस सख्ती और विभिन्न जागरूकता अभियानों के दम पर जिले में इस साल अब तक दुर्घटनाओं में कमी आई है। कई बड़े ब्लैक स्पॉट भी सुधरे हैं। इस साल अब तक करीब 101 सड़क दुर्घटनाएं सामने आई हैं। जो बीते साल के मुकाबले 40 कम हैं। मैदानी क्षेत्र में पुलिस का फोकस ओवर स्पीड वाहनों पर है।
ऊना पुलिस वाहन चालकों पर नियमों का पालन करने के लिए चौतरफा दवाब बना रही है। जागरूकता के अलावा कार्रवाई भी की जा रही है। जिले के सात स्थानों में आईटीएमएस के लिए कैमरा स्थापित कर दिए हैं। पुलिस अधिकारी खुद सड़कों पर उतरकर वाहन चालकों को जागरूक कर रहे हैं। नियम न मानने वालों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई भी हो रही है। यही वजह है कि ऊना जिले में दोपहिया वाहन चालक अब हेलमेट पहने हुए नजर आ रहे हैं।
जिले में आईटीएमएस कैमरे लगने के बाद अब तीसरी आंख की नजर भी वाहन चालकों पर है। इसका भी काफी असर देखने को मिल रहा है। ऊना जिले का ऊना सदर, हरोली, गगरेट हलका मैदानी क्षेत्र है। यहां आवाजाही पूर्ण रूप से वाहनों पर ही निर्भर रहती है। जबकि पहाड़ी क्षेत्र में लोग पैदल भी सफर कर लेते हैं। यही वजह है कि जिले में लगातार वाहनों का दवाब बढ़ा है और दुर्घटनाएं भी बढ़ी।
वर्ष 2023 में अब तक कुल 101 सड़क दुर्घटनाओं में 34 लोगों की मौत रिपोर्ट हुई है। जबकि 167 लोग घायल हुए हैं। वर्ष 2022 में कुल 235 मामलों में 91 लोगों की मौत और 406 लोग घायल हुए थे। 2021 में कुल 208 मामलों में 80 लोगों की मौत और 274 लोग घायल हुए थे। इस साल यह आंकड़ा बीते सालों के मुकाबले औसतन कम है। इस सुखद पहलू के साथ पुलिस लगातार सड़क दुर्घटनाएं कम से कम करने के लिए प्रयासरत है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने गूगल शीट भी तैयार की है। इसमें हादसे की लोकेशन साझा की जा रही है। ताकि पता लगाया जा सके कि किस जगह पर अधिक हादसे हो रहे हैं।
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जिले में जागरूकता अभियान, पुलिस सख्ती समेत अन्य वजहों से सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहा है। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए पुलिस लगातार प्रयासरत है। इसमें वाहन चालक भी सहयोग करें। यातायात नियमों का पालन कर काफी हद तक दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है। ऐसे में सभी इनका पालन करें।
-अर्जित सेन ठाकुर, पुलिस अधीक्षक ऊना